देश की बड़ी परीक्षाओं में गिनी जाने वाली नीट 3 मई को देशभर में शांतिपूर्ण तरीके से हो गई। पुलिस प्रशासन राहत महसूस कर ही रहा था कि 4 मई (दूसरे दिन) को सीकर की गली-गली और सोशल मीडिया पर एक गैस पेपर वायरल हो गया। सीकर से एक व्यक्ति ने परीक्षा कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को ई-मेल भेज दिया। एनटीए ने आईबी को सूचना दी। आईबी ने खुद के स्तर पर तस्दीक की, लेकिन गेस पेपर वायरल ज्यादा होने के कारण 8 मई की रात को एसओजी से संपर्क किया। रात 9 बजे एडीजी विशाल बंसल वापस ऑफिस पहुंचे। आईजी अजयपाल लांबा व एसपी कुंदन कंवरिया के साथ बैठक की और मूल पेपर को वायरल पेपर से मैच किया। 135 सवाल और ऑप्शन मैच होते ही संदेह बढ़ गया। एसओजी ने रात 12 बजे सीकर एसपी के जरिए पेपर लीक के संबंध में कुछ लोगों से पूछताछ कराई। सीकर, झुंझुनूं और केरल के तार जुड़ते गए। इस पर एडीजी बंसल व आईजी लांबा 100 से ज्यादा की टीम लेकर सीकर रवाना हो गए। एसओजी के एक्शन मोड में आते ही कड़ी से कड़ी जुड़ती गईं। एसओजी ने 80 स्टूडेंट्स सहित 150 लोगों से पूछताछ की है। मंगलवार को एसओजी ने जयपुर से 9, सीकर से 5 संदिग्ध सीबीआई को सुपुर्द कर दिए। जयपुर से विक्रम यादव, योगेश प्रजापत, संदीप हरितवाल, नीतेश अजमेरा, मांगीलाल, इनका बेटा विकास, भाई दिनेश, यश यादव व सत्यनारायण चौधरी को सौंपा है। इसी तरह सीकर के विक्रम कुमार यादव, राकेश कुमार मंडावरिया, रजत कुमार, अमित मीणा व रोहित मावलिया को सौंपा है। एसओजी ने 24 घंटे में एक्सपोज की नीट की चीट; 3 घंटे में पेपर मिलाया, 90 घंटे में परीक्षा रद्द ...जानिए कैसे 80 स्टूडेंट्स सहित 150 लोगों से बात कर जोड़ी लीक की कड़ियां एसओजी का स्पेशल इन्वेस्टिगेशन; ...8 मई रात 9 से 12 बजे तक ऑरिजिनल पेपर डाउनलोड कर वायरल क्वेश्चंस से मिलाया। बायो, केमिस्ट्री की मैचिंग हुई तो शक गहराया। ...एक्शन मोड ऑन; रात 12 से 3 बजे तक सीकर के 1 दर्जन स्टूडेंट्स से पूछताछ में 3 जिलों व केरल का लिंक मिला। तब तक SOG सीकर पहुंच गई। सीकर की कंसल्टेंसी के संदिग्ध संचालक की लोकेशन देहरादून मिली, वीडियो कॉल पर पूछताछ पूरी टीम रात 3 बजे सीकर पहुंच गई। तब तक एक दर्जन स्टूडेंट्स व पैरेंट्स से पूछताछ हो चुकी थी। इसमें सामने आया कि पेपर सीकर में संचालित आरके कंसल्टेंसी से वायरल हुआ। उसके संचालक की लोकेशन निकाली तो देहरादून मिली। तुरंत देहरादून पुलिस से संपर्क कर पूछताछ कराई। एसओजी अधिकारियों ने कॉल और वीडियो कॉल पर पूछताछ की। उसने 3-4 स्टूडेंट के नाम बताए तो एसओजी उनसे पूछताछ कर ली। ई-मित्र संचालक को उठाया तो हरियाणा का लिंक मिला अगले दिन सीकर में ई-मित्र का नाम सामने आया। संचालक को उठाया तो उसने बताया कि 1 मई को कुछ बच्चे फोटो कॉपी करवाकर ले गए थे। उनको पेपर देने वाले का पीछा करते-करते एसओजी जमवारामगढ़ पहुंची। वहां से मांगीलाल व दिनेश को पकड़ा। उन्होंने बताया कि 29 अप्रैल को पेपर गुरुग्राम (हरियाणा) के यश यादव से खरीदा था। इनका एक बच्चा सीकर में परीक्षा दे रहा था, इसलिए अगले दिन ये सीकर देने पहुंचे और उसके दोस्तों को भी दे दिया। हरियाणा के यश ने नासिक के शुभम तक पहुंचाया एसओजी ने भिवाड़ी पुलिस के सहयोग से गुरुग्राम में दबिश देकर यश यादव को पकड़ लिया। उसने नासिक के शुभम खैरनार से पेपर लेने की बात कबूली। पूछताछ में उसने राजस्थान के अलावा कई राज्यों में पेपर बेचने की बात बताई। इस पर एसओजी ने महाराष्ट्र पुलिस को सूचना देकर शुभम को पकड़वा दिया। पूरी कार्रवाई से एनटीए को समय-समय पर अवगत कराया गया, इसीलिए मंगलवार को एनटीए ने परीक्षा रद्द कर दी। स्पेशल थ्री का इन्वेस्टिगेशन; एसओजी की 25 टीमों ने की पूरी पड़ताल “संदिग्धों को हिरासत में लेकर पेपर लीक के पूरे चैनल को खंगाला। अब मामले को सीबीआई को सौंप दिया है। अब तक की गई जांच के दस्तावेज और संदिग्ध भी सीबीआई को सुपुर्द कर दिए।”
-आनंद श्रीवास्तव, डीजी स्पेशल ऑपरेशन्स “नीट जैसे बड़ी परीक्षा का पेपर लीक का इनपुट मिला तो तुरंत ऑफिस आए और मीटिंग की। रात में ही सीकर पहुंचे। कार्रवाई करने वाली टीमों से को-ऑर्डिनेट कर एजेंसियों से समन्वय किया।”
-विशाल बंसल, एडीजी एसओजी “नीट के मूल पेपर से वायरल गेस पेपर मैच होते ही कार्रवाई के लिए एसओजी की 25 टीमें तैयार कीं। आरोपियों की लोकेशन दूसरे राज्यों में मिली तो वहां की सुरक्षा एजेंसियों से मदद लेकर सभी को पकड़वाया।”
-अजयपाल लांबा, आईजी एसओजी गहलोत बोले- भाजपा सरकार ने 2 सप्ताह तक नीट पेपर लीक की जानकारी छिपाई पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि नीट पेपर लीक होने के बाद रद्द होना दर्शाता है कि इस पेपर में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई थी। राजस्थान की भाजपा सरकार ने जानबूझकर दो सप्ताह तक इसे छिपाने की कोशिश की और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया। एनटीए ने परीक्षा रद्द कर और सीबीआई को जांच सौंपकर युवाओं के हित में साहसिक निर्णय लिया है। राजस्थान की भाजपा सरकार ने पहले कर्मचारी चयन बोर्ड में हुए ओएमआर शीट घोटाले को छिपाया, ताकि सरकार की बदनामी न हो। कमजोर पैरवी के कारण उस मामले के आरोपियों को जमानत भी मिल गई। अब नीट परीक्षा लीक की जानकारी को भी छिपाने का प्रयास किया गया। टीकाराम जूली ने कहा- नीट मामला दबाया, भाजपा राज में 10 साल में 89 पेपर लीक नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि परीक्षा का रद्द होना इस बात का सबसे बड़ा और पुख्ता सबूत है कि इस पूरे प्रकरण में संगठित स्तर पर गंभीर धांधली हुई है। 22-23 लाख विद्यार्थियों के सपनों और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। अभ्यर्थियों द्वारा शिकायत करने के बावजूद मामले की गंभीरता को नहीं समझा गया और इसे दबाने की कोशिशें हुईं। एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई, लेकिन अब परीक्षा कराने वाली संस्था ने पेपर लीक के कारण इसे रद्द कर दिया है। भाजपा के 10 वर्षों के शासन में अब तक 89 पेपर लीक हो चुके हैं। कांग्रेस का सभी जिलों में आज प्रदर्शन
नीट पेपर लीक के विरोध में बुधवार को कांग्रेस सभी जिलों में प्रदर्शन करेगी। सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस महासचिव एवं मीडिया चेयरपर्सन स्वर्णिम चतुर्वेदी ने बताया कि लगातार तीसरे वर्ष नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा के पेपर लीक होने से एनटीए की कार्य प्रणाली संदेह के घेरे में है। केंद्र सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही, ना ही इसकी कार्यप्रणाली में सुधार के लिए कोई कदम उठाए हैं।