भास्कर न्यूज | दौसा जिला अस्पताल में सोनोलॉजिस्ट की कमी अब मरीजों पर भारी पड़ रही है। पिछले करीब डेढ़ महीने से अस्पताल का सोनोग्राफी सेंटर पूरी तरह बंद है। ऐसे में रोजाना आने वाले मरीजों को मजबूरी में निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों पर जांच करानी पड़ रही है। वहां एक सोनोग्राफी पर करीब 700 रुपए तक खर्च करने पड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों, गर्भवती महिलाओं और अस्पताल में भर्ती रोगियों को हो रही है। जिला अस्पताल की रोजाना करीब 3 हजार मरीजों की ओपीडी में 150 सोनोग्राफी प्रतिदिन लिखी जा रही हैं। यहां एमसीएच में आधी ही जांच हो पा रही हैं। अब एमसीएच सेंटर की 12 महिला डॉक्टर जयपुर में ट्रेनिंग लेने के बाद सोनोग्राफी जांच की व्यवस्था सुधरने की उम्मीद है। ये डॉक्टर एमसीएच में सोनोग्राफी करेंगी। जो डॉक्टर अब एमसीएच में सोनोग्राफी कर रहे हैं, उन्हें जिला अस्पताल में लगाया जाएगा। जिला अस्पताल में लंबे समय से स्थायी सोनोलॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं हो सकी है। करीब डेढ़ साल पहले चिकित्सा विभाग ने कार्य व्यवस्था के तहत भांडारेज सीएचसी से एक सोनोलॉजिस्ट को सप्ताह में तीन दिन के लिए जिला अस्पताल में लगाया था। इससे व्यवस्था किसी तरह चल रही थी। पीजी में चयन होने के बाद वे यहां से कार्यमुक्त हो गए। तब से अस्पताल में सोनोग्राफी जांच बंद है। विभाग अब तक उनके स्थान पर नई व्यवस्था नहीं कर पाया है। इधर एमसीएच सेंटर में केवल एक सोनोलॉजिस्ट कार्यरत हैं। वे वहां आने वाली गर्भवती महिलाओं और अन्य महिला मरीजों की सोनोग्राफी कर रहे हैं। जिला अस्पताल में जांच बंद होने के बाद भर्ती मरीजों का अतिरिक्त भार भी उन्हीं पर आ गया है। सामान्य दिनों में जिला अस्पताल और एमसीएच सेंटर में मिलाकर प्रतिदिन करीब 70 से 80 सोनोग्राफी होती हैं। चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक ने 9 जुलाई को आदेश जारी कर एमसीएच सेंटर की 12 स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर्स को गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी का प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुसार प्रशिक्षण जयपुर में चरणबद्ध तरीके से होगा।जारी आदेश के मुताबिक सह आचार्य डॉ. तशनीम जहरा व सहायक आचार्य डॉ. लक्ष्मी जाखड़ को 13 जुलाई से प्रशिक्षण पर भेजा गया है, जो 19 जुलाई तक जयपुर के सांगानेरी गेट स्थित महिला हॉस्पिटल में प्रशिक्षण लेंगी। इसके बाद प्रत्येक सप्ताह दो-दो महिला डॉक्टर्स को प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। यह प्रशिक्षण 23 अगस्त तक चलेगा। सहायक आचार्य डॉ. दीपशिखा, उप निदेशक डॉ. राजेश गुर्जर, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. रेखा झरवाल, डॉ. सुमन मीना, डॉ. राकेश सिंह, डॉ. मंजू मीना, डॉ. रीना मीना, डॉ. सुमन मीना, डॉ. रजनी मीना एवं डॉ. कल्पना मीना को प्रशिक्षण दिया जाएगा। सोनोलॉजिस्ट की कमी को पूरा करने का प्रयास, महिला डॉक्टर ट्रेनिंग लेंगी ^जिला अस्पताल में सोनोलॉजिस्ट की कमी है, लेकिन फिर भी भर्ती मरीजों की सोनोग्राफी हो रही है। इस समस्या के निराकरण के लिए अब एमसीएच की 12 महिला डॉक्टर्स को जयपुर में ट्रेनिंग दिलाई जाएगी, जिससे वे एमसीएच में सोनोग्राफी व्यवस्था संभालेंगी और वहां सोनोग्राफी कर रहे डॉक्टर को जिला अस्पताल में लगाया जाएगा। फिर कोई दिक्कत नहीं आएगी। -डॉ. आरके मीणा, पीएमओ जिला अस्पताल दौसा