गुढ़ागौड़जी कस्बे में रविवार रात हुई दो गुटों की हिंसक झड़प में घायल युवक के परिजनों ने पुलिस पर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों का आरोप है कि पुलिस मामले को दबाने के लिए फायरिंग की घटना को छिपा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने जांच के आदेश दिए हैं। गुढ़ागौड़जी थानाधिकार सुरेश रोलन का कहना है कि घटना के बाद किसी भी पक्ष ने तुरंत रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई थी। कस्बे में दहशत के माहौल को देखते हुए पुलिस ने खुद परिवादी बनकर दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दोनों पक्षों के 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं घायल रोहित खरड़िया के भाई अजय कुमार ने एसपी से मुलाकात कर फायरिंग का मामला दर्ज करने की मांग की है। गुढा पुलिस पर आरोप लगाए हैं कि फायरिंग घटना FIR में शामिल नहीं किया गया है। 4 अप्रैल की रात करीब 11 बजे मंदीप बराला और उसके साथियों रोहित को जातिसूचक गालियां दी गईं और उन पर फायरिंग शुरू कर दी गई। दो गोलियां रोहित के बाएं हाथ से आर-पार हो गईं और दो गोलियां उसके बाएं पैर में लगीं। उन्होंने चौमू के बराला अस्पताल में इलाज करवाया, जहां ऑपरेशन कर गोलियां निकाली गई हैं। उनके पास एक्स-रे और मेडिकल एविडेंस मौजूद हैं। SHO ने करवाया मामला दर्ज इस पूरे मामले पर गुढ़ागौड़जी थानाधिकारी सुरेश रोलन ने बताया कि वारदात के बाद किसी भी पक्ष ने तुरंत रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई थी। कस्बे में दहशत के माहौल को देखते हुए पुलिस ने खुद परिवादी बनकर दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। SHO सुरेश रोलन ने बताया कि जब वे घायल रोहित के बयान लेने चौमू पहुंचे, तो अस्पताल ने कहा कि वह बयान देने की स्थिति में नहीं है। SHO के अनुसार, अस्पताल ने अभी तक लिखित में फायरिंग या बुलेट मिलने की पुष्टि नहीं की है। सुरेश रोलन का कहना है कि पुलिस का कहना है कि यदि जांच के दौरान फायरिंग की पुष्टि होती है या मेडिकल रिपोर्ट में गोलियों का जिक्र आता है, तो एफआईआर में संबंधित धाराएं (जैसे 307) जोड़ दी जाएंगी। यह थी वारदात रविवार रात करीब 11 बजे भोड़की चौराहे के पास विक्रम सिंह उर्फ सोनू राजपूत और अरविंद उर्फ सोनू उस्ताद के गुटों में खूनी संघर्ष हुआ। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को जान से मारने की नीयत से गाड़ियां दौड़ाईं। इस दौरानकस्बे की करीब 8 दुकानों के शटर, चबूतरे और रेलिंग क्षतिग्रस्त हो गए। गाड़ी की टक्कर से बिजली का पोल टूट गया, जिससे इलाके की बिजली गुल हो गई। घायल के परिजन फायरिंग की भी बात कहीं है। 4 आरोपी गिरफ्तार मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने टीमों का गठन कर मुख्य आरोपियों को दस्तयाब किया है। पुलिस ने विक्रम सिंह उर्फ सोनू (24 वर्ष) मुख्य आरोपी, रोहित कुमार (19 वर्ष) घायल युवक (इलाज के बाद हिरासत में), मंदीप बराला (31 वर्ष), चंद्रकांत उर्फ चंदू(21 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया।