श्रीगंगानगर शहर के नेतेवाला के चक 1-जी छोटी में प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट को लेकर पहले से चल रहे विवाद के बीच प्रशासन ने अब प्लांट को नरसिंहपुरा-मांझूवास बरानी गांव में ट्रांसफर करने का प्रस्ताव रखा है। जिसके बाद से अब नरसिंहपुरा-मांझूवास के ग्रामीण विरोध करने लगे हैं। ग्रामीणों ने बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध-प्रदर्शन किया। वहीं, इससे पहले नरसिंहपुरा के गुरुकुल आश्रम में बुधवार सुबह आस-पास के गांवों की महापंचायत बुलाई गई। जिसमें सैकडों की तादाद में लोग पहुंचे। बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि नरसिंहपुरा में किसी भी सूरत में कचरा प्लांट नहीं लगने दिया जाएगा। इसके बाद ग्रामीण जिला कलेक्टर को ज्ञापन देने पहुंचे और कचरा प्लांट ट्रांसफर नहीं करने की मांग की। बोले- सरकार ने 78 करोड़ का बजट दे दिया गो रक्षा सेवा दल नरसिंहपुर के अध्यक्ष मैसी चौधरी ने कहा- नगर परिषद और जिला प्रशासन के अधिकारी कलेक्टर को गुमराह कर रहे हैं। नेतेवाला में 2016 से प्लांट की सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। केंद्र सरकार ने 78 करोड़ रुपए का बजट भी स्वीकृत कर दिया था और एनओसी भी मिल चुकी थी। अब अचानक प्लांट को नरसिंहपुरा शिफ्ट करने की कोशिश की जा रही है, जो ग्रामीणों को बर्दाश्त नहीं। इधर, चक 6-जेड ए में डंपिंग प्वाइंट पर कचरा डालने के खिलाफ ग्रामीण पिछले दो सप्ताह से धरना दे रहे हैं। शनिवार को प्रशासन ने पुलिस बल लगाकर धरना उठवा दिया और टेंट उखाड़ने की कोशिश की। कई ग्रामीणों को थाने भी ले जाया गया, लेकिन रविवार सुबह फिर धरना लगा दिया गया। वहीं, इस मामले में 16 अप्रैल को राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है, जिसमें बड़ा फैसला आने की उम्मीद है। नेतेवाला के अलावा एक एफ छोटी के ग्रामीण पहले ही प्लांट का विरोध जता चुके हैं। हाल ही में गुरुनानक बस्ती के लोगों ने नगर परिषद की ट्रैक्टर-ट्रालियों को रोककर अपना गुस्सा जाहिर किया था। इन मांगों को लेकर किया विरोध-प्रदर्शन