श्रीगंगानगर में आयकर विभाग की इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन विंग ने रियल एस्टेट कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी छापेमारी शुरू की है। विभाग की 9 सदस्यीय विशेष टीम ने रजिस्ट्रार कार्यालय में पिछले दो साल यानी 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2026 तक हुई सभी महत्वपूर्ण रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। टीम सोमवार दोपहर को श्रीगंगानगर पहुंची और कर रिकॉर्ड खंगालती रही। सूत्रों के माने तो टीम अभी एक-दो दिन और रुक सकती है। कार्रवाई की खबर फैलते ही प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े बिल्डरों, निवेशकों और बड़े सौदागरों में हड़कंप मच गया। पुलिस 30 लाख से अधिक मूल्य की रजिस्ट्री खंगाल रही विभाग विशेष रूप से उन मामलों पर फोकस कर रहा है जिनमें दो लाख रुपए से अधिक का नकद भुगतान हुआ है। साथ ही 30 लाख रुपए से अधिक मूल्य की रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है, जिनकी सूचना नियमानुसार आयकर विभाग को भेजी जानी चाहिए थी। जांच में गलत पैन नंबर, फर्जी बैंक खाते, गलत चेक नंबर या डीएलसी दरों में हेरफेर की भी पड़ताल की जा रही है। वित्तीय लेन-देन की गहन जांच सीमावर्ती जिला होने के कारण श्रीगंगानगर में पिछले कुछ वर्षों में जमीनों और संपत्तियों के दामों में आई अप्रत्याशित तेजी भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विभाग को आशंका है कि रियल एस्टेट क्षेत्र में बाहरी और संदिग्ध धन का भारी निवेश हुआ हो सकता है। इसी एंगल से दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की जा रही है। 75 करोड़ की संदिग्ध रजिस्ट्रियां सामने आई थी हाल ही में अनूपगढ़ सब रजिस्ट्रार कार्यालय में हुई जांच के दौरान लगभग 75 करोड़ रुपए की संदिग्ध रजिस्ट्रियां सामने आई थीं। वहां दो लाख रुपए से अधिक के नकद लेन-देन, 30 लाख से ऊपर की रजिस्ट्रियों की रिपोर्ट न भेजने और गलत पैन, बैंक खाते और चेक नंबर दर्ज करने जैसी गंभीर अनियमितताएं मिली थीं। इसके बाद अब श्रीगंगानगर को भी जांच के दायरे में लिया गया है। यदि जांच में टैक्स चोरी, फर्जी दस्तावेज या संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के पुख्ता प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ आयकर अधिनियम और अन्य प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इस पूरे मामले से रियल एस्टेट कारोबारियों में दहशत का माहौल है और आगे और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है। टीम में मौजूद रहे ये अधिकारी जयपुर से 9 लोगों की टीम पहुंची। जिसका नेतृत्व आईटीओ सुमित तिवाड़ी कर रहे हैं। टीम में प्रभारी राजेश कुमार चौधरी, निरीक्षक सत्येन्द्र शर्मा, प्रदीप, विनोद गोदारा, गायत्री, संदीप ढालिया, योगेश ढाका, पंकज रहेजा और अब्दुल रहमान शामिल हैं।