श्रीगंगानगर में पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, महियांवाली में बच्चों को मिड-डे मील में कच्ची रोटियां परोसी जा रही थीं। शिकायत पर स्कूल पहुंचे जिला प्रमुख दुल्लाराम इंदलिया ने देखा कि हॉस्टल में बिजली और पंखे बंद होने से छात्र गर्मी में कपड़े उतारकर पढ़ाई कर रहे थे। सोने के लिए बेडशीट भी गंदी थी, जिससे फंगस फैलने का खतरा बना हुआ है। स्कूल प्रशासन ने बताया कि रोटी सेंकने की मशीन कई दिनों से खराब है। इस पर जिला प्रमुख ने कहा-आप लोग भी ये ही खाते हो क्या? पहले देखें ये तीन तस्वीरें … फोटो-1 : नवोदय स्कूल में जिला प्रमुख के पूछने पर बच्चों ने भी कहा कि रोटियां कच्ची हैं। वहीं, प्रशासन ने मशीन खराब होने की बात कही। फोटो-2 : जिला प्रमुख ने बताया कि स्कूल के हॉस्टल में बिजली नहीं थी। कई छात्र गर्मी के कारण शर्ट उतारकर बैठे थे। फोटो-3 : स्कूल परिसर में आवारा कुत्ते, जमा गंदा पानी और खिड़कियों में गंदगी जमा मिली। शिकायत पर जिला प्रमुख पहुंचे स्कूल, मिड-डे मील में मिली कच्ची रोटियां पीएम श्री जवाहर नवोदय स्कूल (महियांवाली) में करीब 450 छात्र पढ़ते हैं। मिड-डे मील में कच्ची रोटियां परोसने और हॉस्टल में बिजली-पंखे नहीं होने की शिकायत मिलने पर जिला प्रमुख दुल्लाराम इंदलिया स्कूल पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बच्चों को परोसी जा रही कच्ची रोटियां देखीं और व्यवस्था पर नाराजगी जताई। हॉस्टल में बिना बिजली-पंखे के पढ़ रहे थे छात्र हॉस्टल का निरीक्षण करने पर कई छात्र गर्मी के कारण कपड़े उतारकर पढ़ाई करते मिले। छात्रों ने बताया कि हॉस्टल में पंखे खराब हैं और बिजली सप्लाई भी नहीं हो रही है। बेडशीट भी काफी गंदी मिली, जिससे इस मौसम में फंगस फैलने का खतरा बना हुआ है। स्टाफ ने बताई वजह, जिला प्रमुख ने जताई नाराजगी स्टाफ ने बताया कि रोटी बनाने वाली मशीन पिछले 10-15 दिनों से खराब है और उसे ठीक करने वाला मैकेनिक उपलब्ध नहीं है। ज्यादा सेंकने पर रोटियां जल जाती हैं और कम सेंकने पर कच्ची रह जाती हैं। इस पर जिला प्रमुख ने कहा- क्या ये रोटियां अपने बच्चों को खिलाओगे? निरीक्षण के दौरान जिला प्रमुख ने तुरंत एक केबल मंगवाकर हॉस्टल में बिजली की सप्लाई शुरू करवाई, ताकि छात्रों को गर्मी से राहत मिल सके और पढ़ाई में परेशानी न हो। मामला संसद तक उठाने की तैयारी दुल्लाराम इंदलिया ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और पढ़ाई से जुड़े इस मुद्दे को लोकसभा तक उठाया जाएगा। इसके लिए उन्होंने श्रीगंगानगर सांसद कुलदीप इंदौरा को पत्र लिखकर मामला संसद में उठाने का आग्रह किया है। साथ ही जिला कलेक्टर को भी पूरे मामले से अवगत कराया गया है।