श्रीगंगानगर में रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट किसने अंजाम दिया और क्यों? घटना के दो दिन बाद भी एनआईए, राजस्थान ATS और इंटेलिजेंस ब्यूरो जैसी एजेंसियां जांच में जुटी हैं। जांच में सामने आया है कि जिस ट्रैक पर विस्फोट हुआ, वहां से आखिरी ट्रेन धमाके से करीब 40 मिनट से एक घंटे पहले गुजरी थी। इसके बाद अगली ट्रेन का समय सुबह का था। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर किसी यात्री ट्रेन को निशाना बनाना मकसद होता तो ट्रेन के गुजरने के समय विस्फोट क्यों नहीं किया गया? सूत्रों ने बताया कि एजेंसियां 3 संभावित थ्योरी पर काम कर रही हैं। क्या राजस्थान में पंचायत चुनाव से धमाकों का कोई कनेक्शन है? क्या ये किसी बड़े आतंकी हमले से पहले का ट्रायल था? या फिर एजेंसियों का ध्यान भटकाने के लिए पटरियों पर धमाका किया गया? भास्कर ने सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों से बात कर जाना कि अभी तक की पड़ताल में क्या-क्या सामने आया है। पढ़िए ये स्टोरी…. जांच एजेंसियां 3 संभावित थ्योरी पर काम कर रही हैं… 1. पंचायत चुनाव से कनेक्शन : क्या दहशत फैलाने और चुनावी माहौल प्रभावित करने की थी साजिश? ये धमाका 3 नवंबर की रात करीब 9.45 बजे श्रीविजयनगर तहसील के छोटे से गांव 50 जीबी के नजदीक गुजर रहे रेलवे ट्रैक पर हुआ था। उसी दिन श्रीविजयनगर पंचायत समिति क्षेत्र में पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव हुए थे। वहीं, 5 नवंबर को सभी ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव हुए हैं। वहीं, कस्बे के सबसे नजदीक अनूपगढ़ पंचायत समिति क्षेत्र में भी 14 और 16 नवंबर को चौथे चरण के चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में जांच एजेंसियां ये भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं धमाके के जरिए सीमावर्ती क्षेत्र में खौफ का माहौल पैदा करने या चुनाव प्रभावित करने की साजिश तो नहीं थी। स्थानीय पुलिस ने आस-पास के गांवों में अभियान चलाकर पूछताछ की थी। लेकिन चुनाव को निशाना बनाए जाने का कोई प्रत्यक्ष प्रमाण सामने नहीं आया है। हालांकि, धमाकों की टाइमिंग ऐसे सवाल जरूर खड़े कर रही है। 2. एजेंसियों का ध्यान भटकाने की कोशिश, ताकि ड्रोन से भेजा जा सके (RDX) विस्फोटक? श्रीगंगानगर जिले में बॉर्डर की खानूवाली चेक पोस्ट के नजदीक 12 अक्टूबर को पाकिस्तान से आए 7.5 किलो ब्लैक RDX (बम के लिए रेडी टू यूज) की खेप मिली थी। इसमें तुर्किए मेड हथियार, बैटरियां और रिमोट कंट्रोल डिवाइस भी थे। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क थीं। बॉर्डर से सटे इलाकों में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई थी। एंटी-ड्रोन सिस्टम भी एक्टिवेट किए गए थे। एटीएस से जुड़े करीबी सूत्रों ने बताया- जांच एजेंसियां इस संभावना पर भी काम कर रही हैं कि कहीं रेलवे ट्रैक पर धमाका सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान भटकाने के लिए तो नहीं किया? ताकि एजेंसियों का फोकस घटनास्थल और आसपास के इलाकों पर चला जाए और मौका मिलते ही बॉर्डर पार से दोबारा ड्रोन के जरिए RDX या हथियारों की ड्रॉपिंग की जा सके? यह थ्योरी इसलिए भी प्रबल है क्योंकि धमाका होते ही नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA), राजस्थान की एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाड (ATS), इंजेलिजेंस ब्यूरो (IB), मिलिट्री इंटेलिजेंस और पुलिस समेत कई एजेंसियां जांच में जुट गईं थी। 3. क्या किसी बड़े धमाके से पहले किया गया था ट्रायल विस्फोट? इस घटना में सबसे अहम सवाल धमाके की लोकेशन को लेकर है। जिस रेलवे ट्रैक पर विस्फोट हुआ, उसका लंबा हिस्सा खेतों और सुनसान इलाकों से होकर गुजरता है। इसके बावजूद धमाके के लिए 50 जीबी गांव यानी आबादी के आस-पास की जगह चुनी गई। ये लोकेशन गांव से करीब 100 मीटर दूर है। वहीं, जहां धमाका हुआ उसके सामने ही लोग खेतों में मकान बनाकर रह रहे हैं। जांच में सामने आया है कि जिस ट्रैक पर विस्फोट हुआ, वहां से आखिरी ट्रेन धमाके से करीब 40 मिनट से एक घंटे पहले गुजरी थी। इसके बाद अगली सुबह ही एक ट्रेन को गुजरना था। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि अगर किसी यात्री ट्रेन को निशाना बनाना मकसद था तो ट्रेन के गुजरने के समय विस्फोट क्यों नहीं किया गया? एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं विस्फोट का मकसद केवल रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाना था या किसी बड़े धमाके से पहले ट्रायल किसी तरह के ट्रायल की कोशिश? इन संभावित पहलुओं को भी जांच के दायरे में लिया गया है। FSL को भी नहीं मिला RDX का कोई सुराग फॉरेंसिक टीमों ने मौके पर पहुंचकर जांच की है। जांच से जुड़े अधिकारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि अब तक एसी कोई फाइंडिंग सामने नहीं आई है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि धमाके में RDX या किसी अन्य घातक विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया हो। मौके से जुटाए गए सबूतों की अलग-अलग तरीकों से जांच की जा रही है। अबतक किसी भी आतंकी संगठन ने नहीं ली जिम्मेदारी फिलहाल किसी आतंकी संगठन ने घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है। पुलिस की साइबर टीमें सोशल मीडिया पर नजर रखे हुए हैं। स्थानीय स्तर पर भी संभावित कनेक्शन की पड़ताल की जा रही है। …. ये खबर भी पढ़िए… राजस्थान में रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट:45 मिनट पहले पैसेंजर ट्रेन गुजरी थी; 200 मीटर दूर तक धमाका सुनाई दिया, 8 ट्रेनें कैंसिल राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में रेलवे लाइन पर मंगलवार रात 9.45 बजे ब्लास्ट हो गया। अनूपगढ़-सूरतगढ़ ट्रैक पर धमाके से पहले रात 9 बजे पैसेंजर ट्रेन गुजरी थी। पूरी खबर पढ़िए…