श्रीगंगानगर के नरसिंहपुरा बारानी में प्रस्तावित ठोस कचरा प्लांट लगाए जाने के विरोध में बुधवार को ग्रामीणों ने मांझूवास व नरसिंहपुरा के 4 सरकारी स्कूलों पर ताले लगा दिए। इसके बाद स्कूल परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए। स्कूल बंद होने पर स्कूल का स्टाफ बाहर ही खड़ा रहा और ग्रामीणों ने अंदर नहीं जाने दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि शहर की गंदगी गांव में नहीं आने दी जाएगी। कचरा प्लांट का विरोध सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। तहसीलदार जितेंद्र कुमार, सीआई सतवीर मीणा और नायब तहसीलदार अंकित कुमार ने ग्रामीणों के साथ वार्ता की। वार्ता के बाद ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया। धरना सुबह 8:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक चला। वहीं, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक नरसिंहपुरा से कचरा प्लांट नहीं हटेगा, उनका विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा। नगर परिषद पहले श्रीगंगानगर शहर का कचरा गांव 6 जेड में डाल रही थी। हाईकोर्ट के आदेश और 2016 के टेंडर के अनुसार इसे नेतेवाला के पास 17 बीघा सरकारी भूमि पर शिफ्ट करना था। लेकिन तीनों जगहों पर विरोध के चलते आनन-फानन में 13 बीघा भूमि नरसिंहपुरा बारानी में खरीदकर नगर परिषद को सौंपी और प्लांट यहां लगवाने की कवायद शुरू कर दी।