श्रीगंगानगर नगर परिषद की ओर से शहर के बेसहारा पशुओं को ग्रामीण क्षेत्रों में भेजा जा रहा है। शनिवार सुबह लालगढ़ जाटान गांव में पशुओं से भरे नगर परिषद के ट्रक को ग्रामीणों ने रोक लिया। ट्रक में लाए गए पशुओं को गांव की गौशाला में छोड़ा जाना था, लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। मौके पर पहुंचे भारतीय किसान यूनियन (एकता) राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष संदीप सिंह चक केरा ने भी ट्रक को खाली नहीं करने दिया। गौशाला में पहले से 600 पशुओं की देखभाल संदीप सिंह चक केरा ने कहा- लालगढ़ जाटान की गौशाला में पहले से करीब 600 पशुओं की देखभाल की जा रही है। इसके बावजूद नगर परिषद की ओर से वहां और आवारा पशु भेजे जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि शहर को आवारा पशुओं से मुक्त करने के लिए उन्हें गांवों में क्यों भेजा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर की समस्याओं का बोझ ग्रामीण क्षेत्रों पर डाला जा रहा है। शहर में आवारा पशुओं के संरक्षण के नाम पर खर्च होने के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है और पशु सड़कों पर हादसों का शिकार हो रहे हैं। संदीप सिंह ने कहा कि यदि गौशालाएं पशुओं को रखने से इनकार करती हैं, तो उन्हें ट्रकों में भरकर खुले में छोड़ दिया जाता है। इससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है और राहगीरों के साथ पशुओं की जान भी जोखिम में पड़ती है। ग्रामीणों ने उचित व्यवस्था की मांग की ग्रामीणों ने नगर परिषद और जिला प्रशासन से मांग की कि शहर के आवारा पशुओं को ग्रामीण क्षेत्रों में जबरन नहीं छोड़ा जाए। पशुओं के संरक्षण और देखभाल के लिए उचित व्यवस्था की जाए, ताकि गांवों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। शहर में पशु छोड़ने की चेतावनी संदीप सिंह चक केरा ने चेतावनी दी कि यदि नगर परिषद ने शहर के पशुओं को गांवों में भेजना जारी रखा, तो ग्रामीण क्षेत्रों से पशुओं को इकट्ठा कर शहर में छोड़ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे शहर में लोगों का आवागमन मुश्किल हो जाएगा।