सुप्रीम कोर्ट ने जजों की सेवा अवधि और रिटायरमेंट की उम्र से जुड़े मामले में देशव्यापी रुख अपनाते हुए बड़ा कदम उठाया है। ऑल इंडिया जजों एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार, सभी राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और देश के सभी हाईकोर्ट्स को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अंतरिम राहत देते हुए आदेश दिया है कि जब तक यह मामला अदालत में लंबित है, याचिकाकर्ताओं को 61 वर्ष की आयु पूरी होने तक सेवा में बने रहने की अनुमति दी जाए। अब इस मामले में अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी। चीफ जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने सोमवार 13 जुलाई को इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चूंकि यह मुद्दा देश के सभी राज्यों और न्यायिक सेवाओं को प्रभावित करने वाला है, इसलिए सभी पक्षों का पक्ष सुनना जरूरी है। कोर्ट ने इस मामले को इसी तरह के एक अन्य लंबित मामले के साथ संलग्न करने का निर्देश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई, 2026 को होगी। क्या है सुप्रीम कोर्ट का आदेश सुप्रीम कोर्ट पीठ मुख्य न्यायाधीश, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना ने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ताओं को 61 वर्ष की आयु तक सेवा में बने रहने की अनुमति दी जाएगी, बशर्ते उन्हें पहले ही सेवामुक्त न किया गया हो।