केरलम के सबरीमाला केस में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता की सीमा तय करते समय वह किसी धर्म के विनाश का हिस्सा नहीं बनना चाहता। कोर्ट ने कहा कि आस्था और विवेक के मामलों पर कोर्ट में बहस नहीं हो सकती। जस्टिस एमएम सुंदरेश ने कहा कि अगर हर व्यक्ति अपनी-अपनी सुविधा के हिसाब से परंपराओं को चुनौती देने लगे, तो इसके खतरनाक नतीजे हो सकते हैं। अनुच्छेद 25(1) के तहत धार्मिक अधिकारों की अवधारणा ही कमजोर हो सकती है। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने कहा, ‘जैसे परिवार में जन्म-मृत्यु होने पर कुछ लोग मंदिर नहीं जाते और इसे स्वेच्छा से मानते हैं, वैसे ही भगवान अयप्पा की सच्ची महिला भक्त भी 10-50 की उम्र में सबरीमाला जाने से खुद परहेज करती हैं।’ CJI सूर्यकांत की अगुआई वाली 9 जजों की संविधान पीठ के समक्ष सुनवाई के दसवें दिन केरल की कनक दुर्गा और बिंदु अम्मिनी की तरफ से वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह पेश हुईं। इन दोनों महिलाओं को 2018 के फैसले के बाद सबरीमला में प्रवेश करने पर धमकियों का सामना करना पड़ा था। मामले की अगली सुनवाई 5 मई को होगी। उत्तर भारत में बैठा व्यक्ति द. भारत के मंदिर में एंट्री क्यों मांग रहा कोर्ट रूम लाइव 7 सवाल, जिन पर सुप्रीम कोर्ट में बहस हो रही सबरीमाला मामले पर 7 अप्रैल से सुनवाई हुई सबरीमाला मंदिर मामले पर 7 अप्रैल से सुनवाई शुरू हुई थी। इस दौरान केंद्र सरकार ने महिलाओं की एंट्री के विरोध में दलीलें रखीं। सरकार ने कहा था कि देश के कई देवी मंदिरों में पुरुषों की एंट्री भी बैन है, इसलिए धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। पिछली 9 सुनवाई में क्या हुआ, पढ़िए… 7 अप्रैल : केंद्र की दलील- मंदिर में महिलाओं की एंट्री का फैसला गलत 8 अप्रैल- जो भक्त नहीं, वो धार्मिक परंपरा को चुनौती कैसे दे रहा 9 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- मंदिरों में एंट्री रोकने से समाज बंटेगा 15 अप्रैल- सबरीमाला मैनेजमेंट बोला- अयप्पा मंदिर रेस्टोरेंट नहीं, यहां ब्रह्मचारी देवता 17 अप्रैल- SC बोला- संविधान सबसे ऊपर, निजी धार्मिक मान्यताओं से उठकर फैसला जरूरी 21 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट ने पूछा-छूने से देवता अपवित्र कैसे होते हैं 22 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- हिंदू एकजुट रहें, संप्रदायों में बंटे नहीं 23 अप्रैल- इस्लाम में महिलाओं के मस्जिद आने पर रोक नहीं 28 अप्रैल- धार्मिक प्रथाओं के नाम पर सड़कें ब्लॉक नहीं कर सकते सुनवाई से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…