बूंदी के डाबी बरड़ क्षेत्र के सूतड़ा गांव में मंगलवार रात एक लेपर्ड ने हमला कर तीन गायों को मार डाला। इस घटना से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से उसे जल्द पकड़ने की गुहार लगाई है। सूतड़ा निवासी ओम प्रकाश प्रजापत और कन्हैया प्रजापत ने बताया कि मंगलवार रात उनके प्रजापत नोहरे के पीछे स्थित बाड़े में बंधी तीन स्वस्थ गायों पर लेपर्ड ने हमला किया। बुधवार सुबह जब ग्रामीण बाड़े में पहुंचे तो उन्होंने गायों को मृत पाया। घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग के नाका प्रभारी मानमल रेगर मौके पर पहुंचे। हालांकि, जमीन सख्त होने के कारण लेपर्ड के स्पष्ट पदचिह्न नहीं मिल पाए, जिससे उसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। फिर भी, शिकार के तरीके ने वन अधिकारियों को भी चिंतित कर दिया है। लेपर्ड ने गायों के थन और पिछले हिस्से पर हमला किया है। हमले का यह विशेष पैटर्न लेपर्ड की मौजूदगी की ओर संकेत कर रहा है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि वन विभाग द्वारा गांव में पहले से एक पिंजरा लगाया गया है। इसके बावजूद लेपर्ड लगातार रिहायशी इलाकों में घुसकर पालतू पशुओं का शिकार कर रहा है। ग्रामीणों ने डाबी स्थित वन विभाग कार्यालय पहुंचकर क्षेत्रीय वन अधिकारी मनीष कुमार शर्मा को लिखित शिकायत सौंपी। उनकी प्रमुख मांगों में गांव में रात्रि गश्त बढ़ाना, पिंजरे की जगह बदलना और जाल व अन्य संसाधनों का उपयोग कर शिकारी लेपर्ड को जल्द पकड़ना शामिल है। इस दौरान नोला जी किराड़, हीरा जी किराड़, मोडा जी, अमरचंद राठौर, नवल प्रजापत, कन्हैया लाल, ओम प्रकाश और खान सिंह सहित कई ग्रामीण मौजूद थे। अधिकारी बोले: भोजन-पानी की तलाश में आबादी तक आ रहे लेपर्ड क्षेत्रीय वन अधिकारी मनीष कुमार शर्मा ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि जल्द ही नया पिंजरा लगाकर लेपर्ड को सुरक्षित रेस्क्यू किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि भोजन और पानी की तलाश में लेपर्ड अक्सर आबादी क्षेत्र का रुख करते हैं। ग्रामीण अपने पालतू जानवरों को खुले में न बांधकर सुरक्षित और कवर्ड स्थानों पर बांधें।