विश्व जनसंख्या दिवस पर शनिवार को पाली में स्वावलंबन फाउंडेशन ने दुर्लभ और आनुवांशिक बीमारियों को लेकर छात्रों और नागरिकों को जागरूक किया। शहर के मंडिया रोड पर सरस्वती विद्या मंदिर और टैगोर नगर के उमरावचंद डागा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में यह आयोजन किया गया। फाउंडेशन की प्रोग्राम कॉर्डिनेटर सयोनी सोनी ने बताया- 12 से अधिक स्वयंसेवकों की भागीदारी से हुए अभियान में 900 से ज्यादा छात्रों और नागरिकों को जागरूक किया गया। प्रारंभ दुर्लभ एवं आनुवंशिक रोगों के प्रति जागरूकता अभियान के तहत यह कार्यक्रम राजस्थान के पाली के अलावा पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और हरियाणा के कई शहरों में एक साथ किया गया। अभियान का उद्देश्य दुर्लभ और आनुवंशिक बीमारियों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, समय पर पहचान करना और जल्दी इलाज के महत्व को लोगों तक पहुंचाना था। सयोनी सोनी ने बताया- समय रहते रोगों की पहचान, विशेषज्ञों की सलाह, उचित उपचार और पुनर्वास सेवाओं से प्रभावित बच्चों के जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार संभव है। डॉ. वैभव भंडारी ने कहा- सही समय पर दी गई जानकारी कई बच्चों को गंभीर जटिलताओं से बचा सकती है। जागरूकता सेशन में यह जानकारी दी जागरूकता सत्र में गर्भधारण से पहले, गर्भावस्था के दौरान और जन्म के बाद बरती जाने वाली सावधानियों, विकासात्मक विलंब की पहचान, आनुवंशिक रोगों के शुरुआती संकेत, उपचार और पुनर्वास सेवाओं की जानकारी दी गई। अभियान की सफलता में नितेश तोषावरा, युगल कुमावत, खुशबू राजपुरोहित, आशीष अग्रवाल, अशोक बारूपाल, रघुवीर राणा, हरदेव सिंह, विनोद जैन, सप्तक बसु, सुमन सहित अनेक स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।