मुंडावर उपखंड के गांव ततारपुर में आस्था के प्रमुख केंद्र ढकवासन माता मंदिर में 24 अप्रैल (शुक्रवार) को दो दिवसीय विशाल मेला, भंडारा और कुश्ती दंगल का आयोजन होगा। मेले को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और आसपास के गांवों से लेकर दूर-दराज के क्षेत्रों तक भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। मेले का मुख्य आकर्षण कुश्ती दंगल रहेगा, जिसमें देशभर के नामी पहलवान, यहां तक कि भारत केसरी स्तर के पहलवान भी अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगे। चांदी की गदा पर सबसे बड़ी टक्कर दंगल में विजेता पहलवान को 51,000 रुपए की नकद राशि और 750 ग्राम वजन की चांदी की गदा पुरस्कार स्वरूप दी जाएगी। यही गदा पूरे दंगल की सबसे बड़ी चर्चा का केंद्र बनी हुई है। खास बात ये है कि इस गदा को जीतने के लिए पहलवानों के बीच हर साल जोरदार मुकाबले होते हैं, लेकिन पिछले कई वर्षों से कोई भी पहलवान इसे अपने नाम नहीं कर पाया। मुकाबले बराबरी पर छूटते रहे और गदा हर बार अधूरी रह गई। मेला कमेटी ने इस बार बड़ा बदलाव करते हुए नियमों में संशोधन किया है। पहले चांदी की गदा लगातार तीन बार जीतने वाले पहलवान को दी जाती थी, लेकिन अब नियम बदलकर इसे सिर्फ एक बार जीतने वाले पहलवान को ही देने का निर्णय लिया गया है। इस बदलाव के बाद इस बार दंगल में निर्णायक मुकाबले की पूरी उम्मीद है और यह देखना दिलचस्प होगा कि आखिर कौन पहलवान चांदी की गदा पर कब्जा जमाता है। ढकवासन माता का यह मेला सिर्फ धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और खेल का अनोखा संगम है, जहां एक ओर श्रद्धालु माता के दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं, वहीं दूसरी ओर दंगल में ताकत और जोश का रोमांच देखने को मिलता है।