जयपुर में मेट्रो का दायरा अब परकोटे से आगे ट्रांसपोर्ट नगर तक पहुंचेगा। इसके लिए बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर के बीच भूमिगत मेट्रो टनल का काम शुरू हो गया है। शनिवार को गलता गेट पर टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ‘प्रताप’ चलना शुरू हुई। मशीन करीब 10 महीने में 2.8 किमी लंबी सुरंग की खुदाई कर जुलाई 2027 तक बड़ी चौपड़ पहुंचेगी। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद मानसरोवर से ट्रांसपोर्ट नगर तक मेट्रो की सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। अभी सड़क से यह सफर तय करने में करीब एक घंटे का समय लगता है, जबकि मेट्रो से यह दूरी करीब 20 मिनट में पूरी हो सकेगी। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और मेट्रो के सीएमडी वैभव गालरिया ने शनिवार को टीबीएम की शुरुआत के दौरान प्रोजेक्ट की जानकारी दी। मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, मानसरोवर से अजमेर रोड स्थित 200 फीट बाईपास तक मेट्रो जून 2027 में शुरू करने का लक्ष्य है। इसके बाद मार्च 2028 तक बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर के बीच मेट्रो संचालन शुरू करने की तैयारी है। फेज-1डी : मानसरोवर से अजमेर बाईपास, 200 फीट रोड जयपुर मेट्रो के विस्तार के लिए दो प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। पहला, मानसरोवर से अजमेर रोड स्थित 200 फीट बाईपास तक करीब 2 किमी का एलिवेटेड रूट है। प्रोजेक्ट पर करीब 400 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। पहले इसका काम मार्च 2025 तक पूरा करना था, लेकिन अब जून 2027 का लक्ष्य है।। फेज-1सी : बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर; बड़ी चौपड़ से ट्रांसपोर्ट नगर तक 3.85 किमी का रूट है। इसमें 1 किमी हिस्सा एलिवेटेड और 2.8 किमी हिस्सा भूमिगत होगा। इस रूट पर दो स्टेशन बनेंगे। गलता गेट स्टेशन भूमिगत और ट्रांसपोर्ट नगर स्टेशन एलिवेटेड होगा। पहले इसका काम अप्रैल 2027 तक पूरा होना था, लेकिन बीच में 8 माह काम बंद रहने के कारण इसकी समय-सीमा अप्रैल 2028 तक बढ़ गई है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 800 करोड़ खर्च होंगे। जयपुर मेट्रो के चारों फेज फेज-2 का काम चार चरणों में होगा मेट्रो के फेज-1सी और 1डी के साथ मेट्रो के फेज-2 का भी काम शुरू हो चुका है। इसका काम चार भागों में बांटा गया है। एक का काम शुरू हो चुका। तीन के टेंडर किए जा रहे हैं। इस वजह से तेजी से काम हो सकेगा। -वैभव गालरिया, सीएमडी, मेट्रो