रामजल सेतु लिंक (संशोधित पीकेसी) प्रोजेक्ट से आने वाले समय में प्रदेश के कई इलाकों में पानी की किल्लत काफी हद तक कम हो सकेगी। केन्द्रीय जल आयोग ने प्रोजेक्ट की डीपीआर का तकनीकी परीक्षण पूरा कर लिया है। अब प्रोजेक्ट की फंडिंग के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पीआईबी नोट तैयार करने व केंद्र सरकार से तालमेल रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रोजेक्ट का काम मिशन मोड पर तेज गति से हो सके। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को रामजल सेतु लिंक प्रोजेक्ट को लेकर बैठक ली। मंत्री सुरेश रावत भी साथ रहे। 2024 में हुआ था पीकेसी का एमओयू संशोधित पीकेसी लिंक प्रोजेक्ट के लिए राजस्थान, मध्य प्रदेश और केंद्र सरकार के बीच 28 जनवरी, 2024 को एमओयू हुआ। इसके बाद 5 दिसंबर 2024 को करार ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए गए। कई बड़े काम हो चुके पूरे बैठक में अधिकारियों ने बताया कि नवनेरा बैराज और ईसरदा बांध का काम पूरा हो चुका है। रामगढ़ और महलपुर बैराज के काफर डेम व ड्रेनेज फीडर सहित कई हिस्सों का निर्माण भी पूरा हो गया है। नवनेरा बैराज से मेज एनीकट के डूब क्षेत्र तक फीडर निर्माण और चंबल एक्वाडक्ट के निर्माण, मेज एनीकट से गलवा बांध के डूब क्षेत्र तक फीडर ड्रेन, गलवा बांध से ईसरदा डूब क्षेत्र और बीसलपुर डूब क्षेत्र फीडर निर्माण की प्रोग्रेस बताई। हर महीने होगी निगरानी मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इस प्रोजेक्ट की नियमित मॉनिटरिंग होगी। मुख्यमंत्री और जल संसाधन मंत्री स्तर पर लगातार बैठकें होंगी। अधिकारियों से हर महीने प्रगति रिपोर्ट लेंगे। आमजन को सीधा फायदा कई जिलों में पेयजल सप्लाई सुधरेगी। प्रोजेक्ट पूरा होने पर समस्या झेल रहे इलाकों में नियमित पानी मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। सिंचाई के लिए भी पानी मिलेगा। रोज 1 घंटे वार रूम में बैठेंगे PHED अफसर पेयजल समस्या हो तो संपर्क पोर्टल पर शिकायत कीजिए प्रदेश के किसी भी इलाके में पेयजल किल्लत, दूषित पानी सहित अन्य समस्याओं को लेकर अब जलदाय विभाग के चीफ इंजीनियर व एडिशनल चीफ इंजीनियर सीधे आम जनता से बात करेंगे। गर्मियों के दौरान पेयजल सप्लाई की मॉनिटरिंग के लिए जल भवन में वार रूम बनाया गया है। अब रोजाना सुबह 10 से 11 बजे तक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी बैठेंगे और राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) के जरिए आने वाली शिकायतों के फोन सुनेंगे। इसके साथ ही शिकायतकर्ता से फीडबैक भी लेंगे। वास्तविक निस्तारण का परीक्षण कर सुधारात्मक उपाय पर रिपोर्ट भी पेश करेंगे। एसई अशोक चौरडिया नोडल अधिकारी बनाए गए। नोडल अधिकारी वास्तविक निस्तारण की परीक्षण रिपोर्ट सरकार को भेजेंगे। सीई व एसीई को महीने में दो दिन वार रूम में शिकायत सुननी होगी। जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने पिछले दिनों बैठक लेकर सभी अधिकारियों को आम जन की समस्याओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए थे।