जयपुर-अजमेर नेशनल हाईवे-48 पर सोमवार दोपहर उस वक्त मौत का मंजर तैरने लगा, जब दहमीकलां कट पर ज्वलनशील रसायन मेथेनॉल से भरा एक टैंकर बीच सड़क एक थार को बचाने के चक्कर में पलट गया। दोपहर 2:35 बजे हुए इस हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। टैंकर में करीब 31.880 मीट्रिक टन मेथेनॉल भरा था, जो इतना ज्वलनशील है कि एक छोटी सी चिंगारी भी पूरे इलाके में तबाही मचा सकती थी। प्रशासन ने आनन-फानन में 5 किलोमीटर के दायरे में ट्रैफिक रुकवाकर सुरक्षा घेरा बनाया। करीब 90 मिनट तक हाईवे पर दहशत और बेचैनी का माहौल बना रहा, ऐसा लगा मानों लोग किसी बड़े विस्फोट के डर से सांसें थामे खड़े हों। थार चालक की लापरवाही से हादसा, घटना सीसीटीवी में कैद बाड़मेर निवासी टैंकर ड्राइवर हुक्माराम बेनीवाल कांडला पोर्ट (गुजरात) से मेथेनॉल लेकर भिवाड़ी जा रहा था। ड्राइवर के अनुसार, जब वह दहमीकलां कट के पास पहुंचा, तो पहली लेन में चल रही एक थार कार के चालक ने अचानक कट मारा और टैंकर के ठीक सामने घुसने की कोशिश की। थार में सवार चार युवकों की जान बचाने के चक्कर में हुक्माराम ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए और स्टेयरिंग घुमाया, जिससे भारी-भरकम टैंकर अपना संतुलन खो बैठा और पलट गया। सीसीटीवी फुटेज में भी थार चालक की यह बड़ी लापरवाही साफ कैद हुई है। हादसे के तुरंत बाद थार सवार चारों युवक गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गए। मेथेनॉल टैंकर पर फोम का छिड़काव, 7 क्रेन की मदद से हाईवे से हटाया हादसे की सूचना पर बगरू थानाधिकारी राजेंद्र गोदारा जाब्ते के साथ पहुंचे। मेथेनॉल हवा के संपर्क में आकर आग पकड़ सकता है, इसलिए बगरू नगरपालिका, रीको, महिंद्रा सेज और जयपुर नगर निगम की 6 दमकलों को बुलाया गया। दमकलकर्मियों ने टैंकर पर लगातार पानी और विशेष ’फोम मैकेनिकल केमिकल’का छिड़काव किया ताकि तापमान कम रहे और घर्षण से कोई चिंगारी पैदा नहीं हो। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत और 7 बड़ी क्रेनों की मदद से टैंकर को हाइवे से हटाया जा सका। इस दौरान लोगों की सांसें थमी रही।