चित्तौड़गढ़ | शहर के बूंदी मार्ग स्थित हज़रत किबला उस्ताद रअ का 740वां उर्स कुल की रस्म के साथ समापन हुआ। सज्जादानशीन सलीम अशरफी ने बताया कि पूर्व रात नातख्वां शोएब अशरफी व नुरूद्दीन बस्तवी ने नातिया कलाम पेश किया। हजरत काजी चलफिर शाह की मस्जिद के शाही इमाम, नायब शहर काजी मौलाना मुफ्ती उस्मान अशरफी अलअजहरी व मौलाना जुबेर अशरफी अलअजहरी ने तकरीर की। मौलाना जुनेद अशरफी ने निजामत की। कुल की रस्म नातिया कलाम तकरीर की। मौलाना उस्मान अशरफी ने दुरुद ताज व सज्जादा नशीन यूसुफ अशरफी ने शिजरा पढा। मौलाना जुनेद अशरफी ने कुरान की तिलावत की। मौलाना उमेर अशरफी सज्जादा नशीन सलीम अशरफी ने भाईचारे की दुआ मांगी। खानकाहे अशरफिया की ओर से अब्दुल सलाम, मौलाना उस्मान अशरफी, मौलाना जुबेर अशरफी, मौलाना जुनेद अशरफी, मौलाना उमेर अशरफी, मौलाना खलील बरकाती, शोएब अशरफी, सुल्तान खान, उस्मान बेगूं वाले की दस्तारबन्दी की। शाकीर छीपा, उमर छीपा, अनीस, यूसुफ मंसूरी, रफीक छीपा, वाहिद खान, अब्दुल हमीद मंसूरी, कामिल शेख, अतिर्कुरहमान, वहीद खान सहित जायरीन उपस्थित थे।