गुलाबी शहर के बीचोंबीच सी-स्कीम स्थित 86 साल पुराने स्टैच्यू सर्किल का स्वरूप बदलेगा। जयपुर के संस्थापक महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय के सम्मान में 1940 में बने इस सर्किल के कंक्रीट स्ट्रक्चर और स्टोन स्लैब हटाकर बंसी पहाड़पुर के गुलाबी और करौली के लाल बलुआ पत्थरों से फ्लोरिंग की जाएगी। यह डायमंड ज्योमैट्रिक डिजाइन में होगी। इसके अलावा 4 मीटर ऊंचे सजावटी हेरिटेज पोल और चारों तरफ स्मार्ट लाइट लगेंगी, जो रात में जगमग करेंगी। जालौर के पी-व्हाइट, एस-व्हाइट और रोजी पिंक ग्रेनाइट से झालर बनेगी। पुराने पत्थर और मार्बल हटाकर नए डिजाइन में पत्थर लगाए जाएंगे। जेडीए ‌1.30 करोड़ खर्च करेगा, ट्रैफिक के लिए रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड लगेंगे 307 मीटर का सर्किल, जयसिंह II की प्रतिमा, हाथ में ज्योतिष आरेख स्टैच्यू सर्किल का निर्माण 1940 के दशक में महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय के सम्मान में हुआ था। 307 मीटर गोलाई वाले सर्किल में आदमकद सफेद संगमरमर की प्रतिमा लगी है। हाथ में ज्योतिषीय आरेख है, जो खगोल विज्ञान के संरक्षक के रूप में ख्याति दर्शाता है। यह सर्किल महाराजा सवाई मान सिंह द्वितीय की स्मृति में बनना था। बाद में जय सिंह द्वितीय की याद में बनाया।