प्रदेश में 5 निकायों में कांग्रेस की तरफ से मेयर, चेयरमैन का पर्चा भरने वाले प्रत्याशियों के खिलाफ हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। पांचों जगह कांग्रेस के मेयर, चेयरमैन प्रत्याशियों के खिलाफ बीजेपी ने मोर्चा खोला। बीजेपी को उम्मीद थी कि मेयर प्रत्याशी फंस जाएंगे और नामांकन खारिज हो जाएगा। लेकिन हुआ उल्टा। अजमेर में कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी के खिलाफ बीजेपी के कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंच गए। अजमेर में कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी किरण गढ़वाल के खिलाफ आपत्ति दर्ज करवाई। भाजपा कैंडिडेट का आरोप है कांग्रेस कैंडिडेट के गढ़वाल पैलेस पर निगम की 19 लाख 18 हजार 628 रुपए की राशि साल 2018 से बकाया है। इसके नोटिस भी जारी हो चुके हैं। इसकी जानकारी कांग्रेस प्रत्याशी ने मेयर के नामांकन के दौरान छुपाई है। विवाद बढ़ने की आशंका के चलते निगम में पुलिस की तैनाती की गई है। दिनभर विरोध चला। शाम को भाजपा की आपत्ति खारिज कर दी गई। इसी तरह सिरोही में कांग्रेस की चेयरमैन प्रत्याशी रितु जैन के खिलाफ भाजपा ने जमकर विरोध किया। धक्का मुक्की हुई। लेकिन उनकी आपत्ति खारिज कर दी गई। वहीं, झुंझुनूं में कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुल्ला अगवान के नामांकन को खारिज करने को लेकर भारी विरोध हुआ। उनके भाई को लेकर आरोप लगाए गए। लेकिन आपत्ति खारिज कर दी। इसी तरह नागौर के डेगाना में भाजपा प्रत्याशी राधाकिशन बिंदा के खिलाफ कांग्रेस ने आपत्ति की और नामांकन खारिज करने की मांग की। लेकिन फैसला नहीं हुआ। दूसरी तरफ चाकसू में कांग्रेस प्रत्याशी सुलोचना शर्मा का नामांकन खारिज कर दिया गया। प्रतिभूति राशि जमा नहीं कराने पर खारिज किया। इससे भाजपा की पुष्पा शर्मा चेयरमैन बन गई। पाली में विधायक अड़े तब आपत्ति खारिज हुई: पाली कांग्रेस में बगावत हो गई। वहां कांग्रेस की बागी राजबाला हिंगड़ ने नाम वापस लेने से इनकार कर दिया। दूसरी तरफ सुमित्रा जैन के नामांकन को लेकर आपत्तियां की गई। उसे खारिज कर दिया। विधायक अड़ गए कि पार्टी सिंबल वाले का नामांकन रद्द नहीं होना चाहिए।