जिले के डीग-भरतपुर मार्ग स्थित मांढेरा में लवकुश वाटिका के पास बॉटनिकल गार्डन 2024-25 तक बन कर तैयार होना था,लेकिन बजट मिलने के बावजूद भी वन विभाग की ओर से समय पर मॉनिटरिंग न होने के कारण पूरा प्रोजेक्ट 2025-26 में भी नहीं हो सका। अब डीएफओ द्वारा 2026-27 तक का समय मांगा गया है,जबकि पूरा प्रोजेक्ट वर्ष 2024-25 में पूरा होना था। प्रदेश सरकार ने साल 2022 में प्रदेश के 6 संभाग मुख्यालय अजमेर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा भरतपुर और जोधपुर में बॉटनिकल गार्डन बनाने की घोषणा की थी। उसी के तहत 5 करोड़ की लागत से 50 हेक्टेयर में मांढेरा में बॉटनिकल गार्डन तैयार होना था। बॉटनिकल गार्डन का उद्देश्य आमजन, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को विभिन्न पेड़-पौधों और वनस्पतियों की जानकारी उपलब्ध कराना था। इसे हरित शिक्षा, जैव विविधता संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के मॉडल प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित था,लेकिन मौके पर चार दीवारी और झौपा बनाने का ही काम पूरा हुआ, जबकि आज दिनांक तक पाथवे का भी काम अधूरा पड़ा है, जबकि वहां 3 वेटलैंड, पार्किंग, नर्सरी जोन, आरोग्यम वन, कैक्टस गार्डन आदि काम कराने थे, जो कि अभी भी अधूरे पड़े हुए हैं। “दिसंबर 2026 तक का समय मांगा है। अधिकांश काम बॉटनिकल गार्डन का काम पूरा हो चुका है। थोड़ा बहुत ही काम रह गया है।” -प्रमोद धाकड़, डीएफओ ( वन विभाग)