क्षेत्र के सज्जनवास गांव में सोमवार को दबंगों की धमकियों के चलते एक परिवार को बेटी की बारात निकालने के लिए प्रशासन की शरण लेनी पड़ी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पुलिस सुरक्षा में बारात सकुशल संपन्न कराई। सज्जनवास निवासी विजेंद्र जाटव ने उपखंड अधिकारी को दी शिकायत में बताया कि उनकी पुत्री माधुरी की शादी 20 अप्रैल को तय थी, लेकिन गांव के कुछ लोग उन्हें पारंपरिक मुख्य रास्ते से बारात निकालने से रोक रहे थे। आरोप है कि दबंगों ने दूसरे रास्ते से बारात निकालने का दबाव बनाते हुए मुख्य मार्ग इस्तेमाल करने पर बारात रोकने की धमकी दी। पीड़ित के अनुसार, वैकल्पिक रास्ता बेहद खराब और कीचड़युक्त है, जबकि मुख्य मार्ग पूरी तरह उपयुक्त है। इसके बावजूद उन्हें वहां से बारात निकालने नहीं दिया जा रहा था। मामले को लेकर उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा की मांग की। शिकायत मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और रूपवास थाना पुलिस को निर्देश दिए गए। थानाधिकारी विनोद मीणा ने बताया कि संभावित विवाद को देखते हुए करीब 15 पुलिसकर्मियों का जाब्ता तैनात किया गया। एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार अमित शर्मा भी मौके पर मौजूद रहे और व्यवस्था की निगरानी की। पुलिस की मौजूदगी में बारात को मुख्य मार्ग से निकाला गया। इसे लेकर दलित परिवार के लोगों में आक्रोश देखा गया। उन्होंने कहा कि हम वर्षों से गांव में रह रहे हैं और हमारे साथ इस तरह का व्यवहार गलत है। उन्होंने प्रशासन का शुक्रिया किया।