भास्कर संवाददाता | पाली कलेक्टर रविंद्र गोस्वामी ने बुधवार को नगर निगम और यूआईटी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। नगर निगम में उन्होंने सीवरेज शिकायत रजिस्टर की जांच की और एक शिकायतकर्ता को फोन कर स्थिति पूछी। शिकायतकर्ता पन्नालाल ने बताया कि 28 मार्च को दर्ज शिकायत का समाधान नहीं हुआ है। रजिस्टर में 7 अप्रैल को समाधान दर्ज होने पर कलेक्टर ने एलएंडटी के अधिकारियों को फटकार लगाई और काम में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि 24 घंटे में शिकायत का निस्तारण नहीं होने पर कार्रवाई होगी। कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज को शिकायतों की सुबह-शाम निगरानी के निर्देश दिए। इसके बाद आयुक्त ने शाम को सीवरेज और एलएंडटी अधिकारियों की बैठक लेकर शिकायत निस्तारण के लिए रिपोर्टिंग और मॉनिटरिंग व्यवस्था तय की। कलेक्टर के निर्देश के बाद उसी दिन शाम तक पन्नालाल के घर के बाहर सीवरेज ढक्कन लगा दिए गए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने लेखा शाखा में नगर निगम की वित्तीय स्थिति की समीक्षा की। चर्चा में सामने आया कि देनदारी के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कलेक्टर ने राजस्व बढ़ाने के लिए निगम को अपने स्रोत विकसित करने और एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्व-वित्तपोषित परियोजनाओं पर भी काम करने को कहा। जन्म-मृत्यु शाखा में कई आवेदन एक सप्ताह से अधिक समय से लंबित मिले। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र 24 घंटे में जारी किए जाएं और अड़चन आने पर तुरंत समाधान किया जाए। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण के लिए नगर निगम में एकल खिड़की व्यवस्था शुरू करने को भी कहा, ताकि नागरिकों को अलग-अलग शाखाओं में भटकना न पड़े। परिवादी पन्नालाल की शिकायत का निस्तारण हो गया, और सीवरेज का ढक्कन तक हाथोंहाथ लग गया। इसके पहले कलेक्टर ने यूआईटी कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने नई सड़कों के लिए सर्वे कराने, राजस्व बढ़ाने और नई कॉलोनियां विकसित करने की योजना बनाने को कहा। मुख्य सड़कों पर पौधारोपण और सौंदर्यीकरण के लिए संस्थाओं को जिम्मेदारी देने का सुझाव भी दिया, ताकि निगरानी बेहतर हो सके। निरीक्षण के दौरान एडीएम बजरंगसिंह और प्रशिक्षु आईएएस बिरजू भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने नगर निगम के सभी विभागों के कर्मचारियों की बैठक लेकर राजस्व बढ़ाने, शहर के पार्क विकसित करने और सफाई व्यवस्था के लिए बीट सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने मानसून से पहले तैयारियों को एक्शन मोड में रखने को कहा। लाखोटिया उद्यान में फव्वारे चालू करने और रखरखाव सुधारने के निर्देश भी दिए।