राजस्थान के वित्तीय प्रबंधन में बड़ा बदलाव होगा। दिल्ली से महालेखा नियंत्रक (वित्त) के अफसर मंगलवार को जयपुर पहुंचे। तय हुआ कि राजस्थान में संचालित केंद्र की 70 और प्रदेश की 160 योजनाओं यानी 230 योजनाओं के वित्तीय घपलों और ट्रांजेक्शन की निगरानी के लिए एआई डैशबोर्ड तैयार किया जाएगा। सीएस वी श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की महालेखा नियंत्रक टीसीए कल्याणी ने पीएफएमएस-आईएफएमएस सहित विभिन्न वित्तीय प्रबंधन विषयों पर विस्तृत चर्चा की। कल्याणी ने बताया कि प्रदेश में समायोजित प्रणाली एकीकरण शीघ्र हस्तांतरण के अंतर्गत वर्तमान में 70 केंद्रीय प्रायोजित योजनाएं तथा 160 राज्य स्तरीय योजनाएं शामिल की जा चुकी हैं। वित्तीय निगरानी एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अब एआई डैशबोर्ड से रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम से 327 करोड़ का ट्रांजेक्शन सीएस ने कहा कि वर्तमान में देश की जीडीपी का एक बड़ा हिस्सा पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रवाहित होता है। पिछले साल इस प्रणाली के जरिए 327 करोड़ से अधिक ट्रांजेक्शन किए गए। इसके साथ 1100 से अधिक डीबीटी योजनाएं तथा 35 लाख से अधिक इंप्लीमेंटिंग एजेंसियां जुड़ी हुई हैं। कल्याणी ने बताया कि आने वाले दशक की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पीएफएमएस को अधिक आधुनिक, सरल, लचीला और उपयोगकर्ता-केंद्रित बनाया जाना आवश्यक है। सीएस की अध्यक्षता में महालेखा नियंत्रक के साथ वित्तीय प्रबंधन पर मंथन 41 जिलों के कोषाधिकारियों को मिलेगा प्रशिक्षण: मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम को और अधिक मजबूत एवं व्यवस्थित बनाने के लिए समय-समय पर क्षमता निर्माण कार्यशालाएं आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में केन्द्र सरकार के सहयोग से जिला कोषाधिकारियों के लिए भी कार्यशालाएं आयोजित कर प्रशिक्षित किया जाएगा। इंडियन सिविल अकाउंट्स सर्विस एकेडमी के लिए देंगे जमीन: सीएस ने कहा कि जयपुर में नई आईसीएएस एकेडमी स्थापित करने के लिए उपयुक्त भूमि का चयन किया जाएगा। महालेखा नियंत्रक टीसीए कल्याणी ने कहा कि एआई आधारित डेशबोर्ड राज्य सरकार की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा। बैठक में प्रमुख सचिव वित्त वैभव गालरिया एवं केंद्र सरकार के प्रतिनिधि मौजूद रहे।