वैष्णो देवी के दर्शन कर लौट रहे श्योपुर (मध्यप्रदेश) के एक परिवार के 5 सदस्यों सहित 6 लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई। अलवर के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बुधवार देर रात सीएनजी से चलने वाली आर्टिगा कार आग का गोला बन गई। मरने वालों की पहचान संतोष, उनकी पत्नी शशि, बेटी साक्षी, सास पार्वती और छोटी के रूप में हुई है। कार चालक विनोद मेहरा 80% झुलस गया था। बाद में उसकी भी एसएमएस अस्पताल में मौत हो गई। आग इतनी भयानक भी कि 5 लोगों को हडिड्यां तक पिछल गईं। सभी के शव पोटली में भेजे गए। इधर, एसपी सुधीर जोशी ने आशंका जताई है कि लगातार कार चलने से शॉर्ट सर्किट या कोई और तकनीकी खराबी आई होगी। फिलहाल, फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। घटनास्थल पर के पास ही एसएसबी ट्रेनिंग सेंटर भी है। एसएसबी के जवानों ने कार सवारों को बचाने की कोशिश भी की लेकिन नाकाम रहे। गेट लॉक होने से सवारियां निकल ही नहीं पाईं। बीमारी से ठीक होने पर मन्नत पूरी करने वैष्णो देवी गए थे... संतोष की सास पार्वती काफी समय से बीमार थीं। ठीक होने के बाद मन्नत पूरी करने के लिए सभी वैष्णो देवी के दर्शन के लिए गए थे। हादसे में संतोष का परिवार खत्म हो गया। घर में सिर्फ 12 साल की बेटी रागिनी बची है। वह मौसी के साथ शादी में गई थी, इसलिए यात्रा पर नहीं गई। सबसे महंगा टोल; घटना के 30 मिनट बाद रेस्क्यू शुरू हो सका दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर सबसे अधिक टोल वसूली है। लेकिन यहां पर इमरजेंसी में फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं हैं। मदद के लिए आने वाले वाहनों को 20 किमी का चक्कर लगाना पड़ता है। इस घटना में भी यही हुआ। कार में आग लगने की सूचना रात 11:15 बजे मिली लेकिन फायर ब्रिगेड करीब 25-30 मिनट बाद पहुंची। गौरतलब है कि यहां नवंबर में कंटेनर जल गया था और चालक की मौत हो गई थी। 17 दिसंबर 2025 को एक्सप्रेस-वे के चैनल नंबर 131 (पिनान) पर एक पिकअप में हादसे के बाद लगी आग में 3 लोग जिंदा जल गए थे। पीपीपी के लिए टेंडर अटका, ढाई साल बाद भी ट्रोमा सेंटर शुरू नहीं सीएनजी से आग कैसे भड़की? सीएनजी यह हवा से हल्की होती है, इसलिए खुले में ऊपर की ओर फैलती है। लेकिन बंद जगह या वाहन में गैस जमा हो जाए और चिंगारी/शॉर्ट सर्किट/लौ मिल जाए, तो आग तेजी से भड़क सकती है। इन हालात में खतरा बढ़ता है लोकल/अनधिकृत सीएनजी किट, पुरानी पाइपलाइन, खराब रेगुलेटर, सिलेंडर की समय पर टेस्टिंग न होना, हादसे के बाद वाल्व/लाइन डैमेज होना, और बंद जगह में गैस का जमा होना। अवैध किट पर क्लेम का क्या ? सीएनजी किट मानक के अनुसार नहीं है, तो बीमा क्लेम मिलना मुश्किल है।