भारत की डिजिटल क्रांति अब देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया जनगणना 2027 का आधार बनने जा रही है। उदयपुर जिले में 1 मई से मकान सूचीकरण और मकान गणना का पहला चरण शुरू होगा। जिला कलक्टर और प्रमुख जनगणना अधिकारी गौरव अग्रवाल ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में प्रेसवार्ता के दौरान घर बैठे करें स्व-गणना का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार की जनगणना पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल होगी। 1 मई से 15 मई तक आमजन समर्पित वेब पोर्टल (se-census.gov.in) के माध्यम से स्वयं अपना विवरण दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 16 मई से 14 जून तक प्रगणक फील्ड में उतरकर घर-घर जाकर डेटा संकलन करेंगे। कलेक्टर अग्रवाल ने बताया कि यह डेटा देश के भविष्य की विकास योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के ढांचे को तैयार करने में नींव का पत्थर साबित होगा। उन्होंने जिले वासियों से अपील की कि वे इस राष्ट्रीय कार्य में शुद्ध और विश्वसनीय जानकारी साझा करें। डिजिटल इंडिया की प्रतिबद्धता के तहत इस बार डेटा संग्रहण के लिए विशेष एचएलओ एप्लीकेशन तैयार की गई है। स्व-गणना करने वाले नागरिकों को उनके मोबाइल या ईमेल पर एक यूनिक आईडी प्राप्त होगी, जिसे बाद में प्रगणक के आने पर उन्हें दिखाना अनिवार्य होगा। इस प्रक्रिया में परिवार के मुखिया को मकान की सुविधाओं और परिसंपत्तियों से जुड़े कुल 34 सवालों के जवाब देने होंगे। प्रशासन ने इसकी शुरुआत सरकारी महकमों से करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत शुक्रवार को जिला परिषद में विशेष कैंप आयोजित किया जाएगा। साइबर ठगों से बचें, अधिकृत पोर्टल ही खोलें : कलेक्टर