जनाना अस्पताल में पिछले दिनों प्रसव के बाद तबीयत बिगड़ने पर तीन प्रसूताओं को जयपुर रैफर करने तथा वहां उपचार के दौरान एक प्रसूता की मौत के मामले में चिकित्सा विभाग अपने यहां प्रसव से जुड़ी हर व्यवस्था को नए सिरे से जांच रहा है। प्रसव कक्ष को फिर से संक्रमण से रहित कराया गया है। प्रसव से पूर्व और बाद की जांचे, उपचार और मरीज की कंडीशन को ऑब्जरवेशन में लिया गया है। अस्पताल प्रबन्धन और अधिकारी अभी भी दावा कर रहे हैं कि रैफर करना ऐसे मामलों में सामान्य प्रक्रिया है, कोई गंभीर घटना नहीं हुई है। फिर भी एहतियातन कोटा, बीकानेर व अन्य जगहों से अपडेट लिया जा रहा है। यहां गठित डॉक्टर की 3 सदस्यीय टीम सारे मामले की फैक्चुअल रिपोर्ट भी बना रही है। जनाना अस्पताल में पिछले दो दिनों में सिजेरियन प्रसव तो नहीं हुआ, वैसे 11 अक्टूबर को 18 और 12 अक्टूबर को 15 सामान्य प्रसव होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, प्रसव के बाद तबीयत बिगड़ने और जयपुर रैफर करने की सोशल मीडिया पर खबरें चलने के बाद कुछ परिजनों ने यहां प्रसव नहीं कराने का निर्णय लिया और यहां से चले गए। जनाना अस्पताल में सिजेरियन प्रसव के पिछले चार माह (जून से सितम्बर) के रिकार्ड देखें तो पता लगता है कि प्रसव के करीब 10 प्रतिशत मामलों में ही जयपुर रैफर करने की कार्रवाई की गई। जनाना अस्पताल के प्रभारी डॉ सत्य नारायण चौधरी व डॉ सुनीता राजोरा ने बताया कि अस्पताल में जून में कुल 839 में से 203, जुलाई में कुल 957 में से 224, अगस्त में कुल 1019 में से 216 तथा सितम्बर में कुल 926 में से 193 प्रसव सिजेरियन हुए। इनमें जूून में 30, जुलाई में 48, अगस्त में 38 तथा सितम्बर में 57 को जयपुर रैफर किया गया। सआदत अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) डॉ प्रतीक सालोदिया ने बताया कि पूरे जिले से कांप्लीकेटेड प्रसव के मामले यहां रैफर होकर आते हैं। उन्होंने बताया कि जूून माह में 32, जुलाई में 66, अगस्त में 80 से अधिक तथा सितम्बर माह में 49 प्रसव के मामले टोंक के बाहर से रैफर होकर यहां आए। इनमें से कुछ की हालत इतनी खराब हो चुकी होती है, कि उन्हें यहां रोकने के बजाए उन्हें एहतियातन जयपुर भेजना पड़ता है। सीएमएचओ डॉ शैलेन्द्र सिंह चौधरी ने बताया कि हाल ही यहां से रैफर होकर जयपुर गई प्रसूताओं की जांच रिपोर्ट और उनके उपचार पर नजर रखी जा रही है। दावा किया कि एक से लेकर 10 अक्टूबर तक सरकारी जनाना अस्पताल में कुल 324 प्रसव हुए जिनमें से 22 सिजेरियन है। कुल 10 मामलों में जयपुर रैफर किया गया है।