प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों में लंबे समय से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी जल्द दूर होने वाली है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को सीधी भर्ती-2024 के तहत 7903 नए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मिलने जा रहे हैं। इनमें 825 पद नॉन-टीएसपी और 7078 पद टीएसपी क्षेत्र के हैं। विभाग का दावा है कि दस्तावेजों की जांच के बाद अगले एक माह में सभी चयनित अभ्यर्थियों का पदस्थापन कर दिया जाएगा। प्रशासनिक सुधार विभाग (अनुभाग-3) ने निदेशक (अराजपत्रित) को नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। नए कर्मचारियों की तैनाती से ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, वार्ड, ओपीडी, जांच केंद्र, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन और ड्रग वेयरहाउस की कार्य व्यवस्था मजबूत होगी। इससे मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ अस्पतालों के प्रशासनिक कार्यों में भी तेजी आएगी। चतुर्थ श्रेणी... सहायक कर्मचारी की तरह काम कर सकेंगे अभी आउटसोर्स और संविदाकर्मियों के भरोसे विशेषज्ञों का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं केवल डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर नहीं, बल्कि पर्याप्त सहायक कर्मचारियों की उपलब्धता पर भी निर्भर करती है। वर्तमान में कई जिला अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी और मेडिकल संस्थानों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी के कारण आउटसोर्स और संविदाकर्मियों के भरोसे काम चल रहा है। हमारा प्रयास है कि अगले एक माह में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का पदस्थापन कर दिया जाए। इससे अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों की कार्य व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। - राकेश कुमार शर्मा, निदेशक (अराजपत्रित)