वहीं स्टेट वाइज परिणाम बताता है कि इस साल राजस्थान के 94.78% छात्र पास हुए हैं, इनमें से छात्राओं का पास पर्सेंटेज 95.88 और छात्रों का पास पर्सेंटेज 94 रहा। 2025 से तुलना करें तो 2026 का परिणाम लगभग एक सा ही आया है, सिर्फ 0.1% का अंतर है। यह ​अंतर भी सिर्फ छात्राओं के परिणाम से ही आया है। जयपुर की रशिका सैनी को 99.8%, एकाग्र को 99.4%, कोटा के शिव को 99.4 और जयपुर की अरना को 99.2% अंक​ मिले हैं। (बोर्ड टॉपर के नाम जारी नहीं करता) भास्कर इनसाइट एनालिटिकल प्रश्नों ने परेशान किया 1. दो बोर्ड एग्जाम ने कम ​किया छात्रों का मानसिक दबाव इस साल पहली बार छात्रों के पास बोर्ड एग्जाम देने का दूसरा मौका भी है, इस कारण छात्रों पर मा​नसिक दबाव कम हुआ क्योंकि वे पूरे तरह से इस एग्जाम पर निर्भर नहीं रहे। 2. मैथ्य का पेपर रहा टफ इस बार मैथ्य का पेपर बहुत टफ था। कॉन्सेप्ट वाले सवाल ज्यादा थे। खासकर ट्रिग्नोमेट्री में केस स्टडी और एप्लिकेशन बेस्ड क्वेश्चंस आए थे ​इसलिए इस बार स्टूडेंट्स का गणित का रिजल्ट कम आया है। 3. कॉम्पिटेंसी बेस्ड सवाल ज्यादा आधे से ज्यादा सवाल कॉम्पिटेंसी-बेस्ड यानी क्षमता-आधारित थे। इसमें सीधे सवाल पूछने के बजाय केस-स्टडी और रियल-लाइफ सिचुएशन दी गई थीं। छात्रों को एनालिटिकल प्रश्न सॉल्व करने में दिक्कत आ रही थी। 4. साइंस को 3 सेक्शंस में बांटा पहले साइंस के तीनों भागों के सवाल एक साथ ही दिए जाते थे। इस साल साइंस को तीन सेक्शंस यानी फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी में बांटा गया था। इससे कुछ छात्र कंफ्यूज भी हुए थे। हाई स्कोरर्स के गिरते ग्राफ पर ब्रेक, टॉपर फिर से बढ़े 7 साल में सरकारी स्कूलों में पास प्रतिशत रिकॉर्ड 20% बढ़ा