भरतपुर| शहर में सिद्धपीठ पुराने लक्ष्मण मंदिर वेंकटेश पर आयोजित रामलीला महोत्सव में चित्रकूट प्रसंग के तहत राम-भरत मिलन का मंचन हुआ। लीला में दिखाया गया कि राम, सीता और लक्ष्मण पर्णकुटी बनाकर चित्रकूट के कामदिगिरी पर्वत पर निवास कर रहे हैं, जबकि अयोध्या में गुरु वशिष्ठ के भेजे दूतों के साथ भरत-शत्रुघन लौटते हैं और कैकई से दशरथ के देवलोक गमन का समाचार सुनकर भरत शोकाकुल हो उठते हैं। मंचन में भरत का राज्य संभालने से इनकार और तीनों माताओं तथा गुरु वशिष्ठ के साथ चित्रकूट प्रस्थान दिखाया गया। मार्ग में निषादराज गुह और महर्षि भारद्वाज से भेंट के बाद आश्रम पर भावुक मिलन हुआ, भरत ने अयोध्या लौटने का आग्रह किया, पर वचन-पालन के कारण चरण पादुकाएं लेकर लौटे। इस मंचन को देखकर दर्शकों की आंखें भर आईं और जयघोष के साथ लीला संपन्न हुई।