आरएनटी मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (एसएसएच) में मुफ्त दवाइयों के लिए मरीज रोज भारी प्रशासनिक और तकनीकी लापरवाही का शिकार हो रहे हैं। अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित दवा वितरण केंद्र (डीडीसी) के बाहर सुबह से दोपहर तक मरीजों की लंबी और अनियंत्रित कतारें लग रही हैं। इस अव्यवस्था का सबसे क्रूर चेहरा तब सामने आता है जब कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से पीड़ित बेबस मरीज, जो कीमो और रेडियोथैरेपी के असहनीय दर्द के बाद ठीक से खड़े भी नहीं हो पाते, वे भी नाक में नली (राइल्स ट्यूब) लगे होने के बावजूद घंटों कतारों में धक्के खाने को मजबूर हैं। अस्पताल प्रशासन तीन दिन में नए काउंटर शुरू करने का दावा कर रहा है, लेकिन धरातल लचर सिस्टम ने मरीजों की पीड़ा को कई गुना बढ़ा दिया है। फर्स्ट फ्लोर पर कमरे खाली, डीडीसी बढ़ाने का आदेश भी हो चुका, फिर मरीजों को भीड़ में क्यों पिस रहे? जबकि सरकार की बजट घोषणा के तहत उदयपुर के संबद्ध अस्पतालों में 29 नए काउंटर (एमबी में 18, जनाना-सेटेलाइट में 3-3, एसएसबी-टीबी में 2-2) बढ़ने हैं। चिकित्सा शिक्षा निदेशालय ने 3 दिन में प्रस्ताव मांगा था, लेकिन स्थानीय स्तर पर रिपोर्ट भेजने में ढिलाई बरती जा रही है। पहली मंजिल पर कैंसर ओपीडी के पास कमरे खाली और बंद पड़े दैनिक भास्कर ने पड़ताल की तो सामने आया कि अस्पताल की पहली मंजिल पर कैंसर ओपीडी के पास कई कमरे खाली और बंद पड़े हैं। इनमें पुरानी कुर्सियां, टेबल और अलमारियों का रिकॉर्ड कबाड़ की तरह रखा है। जनहित में इन्हें किसी अन्य जगह शिफ्ट कर दिया जाए, तो कैंसर के गंभीर मरीजों के लिए वहीं एक अलग काउंटर शुरू हो सकता है। इसके अलावा पुराने ई-औषधि सॉफ्टवेयर को बदलकर नया इंटीग्रेटेड हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम (आईएचएमएस) सॉफ्टवेयर लागू किया गया है। यह एसएसओ आईडी से लॉग-इन होता है। सर्वर स्लो या डाउन होते ही कतारें मुख्य सड़क तक पहुंच जाती हैं। सवाल यह है कि तकनीकी खामी होने पर वैकल्पिक बैकअप व्यवस्था क्यों नहीं की गई? 15 साल से नहीं बढ़े फार्मासिस्ट जयपुर से प्रमुख शासन सचिव (चिकित्सा शिक्षा) गायत्री राठौड़ को भेजे पत्र से खुलासा हुआ है कि राज्य के 6 प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में 2011 के बाद से फार्मासिस्टों का एक भी नियमित पद सृजित नहीं हुआ। विधानसभा में दी जानकारी के अनुसार, 1696 नए पदों का प्रस्ताव मई 2025 से लंबित है। 26 फरवरी को दोबारा भेजी गई फाइल भी 10 माह से वित्त विभाग में अटकी हुई है। जल्द 3 काउंटर करेंगे: अधीक्षक मरीजों की समस्या को देखते हुए व्यवस्था में सुधार कर रहे हैं। सीएमएचओ के माध्यम से दो फार्मासिस्ट आ गए हैं। जल्द ही तीन काउंटर करने की तैयारी कर रहे हैं। नया सॉफ्टवेयर आने से सर्वर डाउन होने की दिक्कतें आ रही हैं। एक-दो दिन में नए काउंटर खोलकर राहत दी जाएगी। -डॉ. विपिन माथुर, अधीक्षक, एसएसएच