भास्कर न्यूज | झालावाड़ महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुलिस ने मंगलवार को पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय महिला सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम किया। कार्यक्रम में कानून, साइबर अपराधों से बचाव, आत्मरक्षा, हेल्पलाइन सेवाओं, सरकारी सहायता योजनाओं और आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस तक त्वरित पहुंच के तरीकों की विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही महिला सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं का सम्मान भी किया। एसपी अमित कुमार ने कहा कि महिला सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है, लेकिन समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार किया जा सकता है। उन्होंने महिलाओं से किसी भी प्रकार की परेशानी या अपराध की स्थिति में बिना संकोच तत्काल पुलिस से संपर्क करने की अपील की। पिड़ावा डीएसपी पूजा नागर ने महिला सुरक्षा से जुड़े प्रमुख कानूनों, साइबर अपराधों से बचाव के उपायों, बच्चों के अधिकारों और आपातकालीन स्थिति में सिटीजन ऐप के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों पर होने वाले अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में सतर्कता और समय पर शिकायत करना सबसे प्रभावी बचाव है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि किसी भी तरह के उत्पीड़न, धमकी या साइबर अपराध की स्थिति में चुप रहने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें। समारोह में झालावाड़ डीएसपी हर्षराजसिंह खरेड़ा, कोतवाली थानाधिकारी मुकेश मीना, महिला थानाधिकारी अल्का विश्नोई, थानाधिकारी मोहन पोसवाल सहित कई लोग शामिल हुए। इन वर्गों की रही सक्रिय भागीदारी कार्यक्रम में विभिन्न एनजीओ प्रतिनिधि, स्कूल एवं कॉलेजों की प्रधानाचार्य, शिक्षिकाएं, एएनएम, जीएनएम, महिला अधिवक्ता, आशा सहयोगिनी, गृहिणियां, छात्रावास वार्डन तथा छात्राओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों को महिला सुरक्षा संबंधी कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। अधिकारों और कानूनी जानकारी मिलने से बेटियों का आत्मविश्वास बढ़ता है बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष शिवराज सिंह हाड़ा ने कहा कि बेटियों को उनके अधिकारों और कानूनों की जानकारी मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे विपरीत परिस्थितियों का बेहतर सामना कर सकती हैं। समिति सदस्य पूर्णिमा झाला ने कहा कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण जितना जरूरी है, उतना ही आवश्यक अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी भी है। हर परिस्थिति में सजग रहे महिलाएं वंदना सक्सेना ने महिलाओं और बालिकाओं से हर परिस्थिति में सजग रहने तथा किसी भी समस्या में स्वयं को अकेला नहीं समझने का आह्वान किया। सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी पल्लवी चतुर्वेदी ने महिलाओं के लिए संचालित सरकारी योजनाओं, सहायता सेवाओं और उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी। कार्यक्रम में सुरक्षा सखी, महिला सीएलएजी सदस्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, राजीविका समूह की महिलाएं, साथिन, एनएसएस स्वयंसेवक, विभिन्न एनजीओ प्रतिनिधि, स्कूल एवं कॉलेजों की प्रधानाचार्य, शिक्षिकाएं, एएनएम, जीएनएम, महिला अधिवक्ता, आशा सहयोगिनी, गृहिणियां, छात्रावास वार्डन तथा छात्राओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों को महिला सुरक्षा संबंधी कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।