जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) ने सिणधरी पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए मंगलवार देर रात को अरणियाली सरहद में अवैध डोडा-पोस्त की बड़ी खेप बरामद की। डीएसटी टीम ने मंगलवार रात को सूचना पर सिणधरी थाना क्षेत्र के अरणियाली सरहद में नाकाबंदी शुरू की। रात करीब 2 बजे जालोर की तरफ से आ रही एसयूवी गाड़ी को रुकने का इशारा किया तो आरोपी नाकाबंदी तोड़कर भागने लगे। इस पर टीम ने गाड़ी के आगे स्पाईकर्स डाले तो एसयूवी के टायर ब्रस्ट हो गए। इसके बावजूद आरोपी करीब आधा किलोमीटर तक वाहन को भगा ले गए। डीएसटी व सिणधरी पुलिस टीम के लगातार पीछा करने पर हाइवे पर होटल के पीछे गाड़ी छोड़कर तस्कर फरार हो गए। तलाशी लेने पर गाड़ी से 429.190 किलो अवैध डोडा-पोस्त बरामद किए। वहीं आरोपियों की धरपकड़ को लेकर प्रयास जारी है। पुलिस ने पैदल दो किलोमीटर तक पीछा किया, लेकिन आरोपी अंधेरे में भागने में कामयाब रहे। इस पर वाहन को जब्त कर क्रेन की मदद से ट्रैक्टर-ट्रॉली में सिणधरी थाने लाया गया। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। कार्रवाई में डीएसटी के एएसआई आईदानराम, कांस्टेबल उदयसिंह, धर्मेंद्रसिंह, शेंभूराम, मुकेश कुमार, सिणधरी थानाधिकारी विशाल कुमार, एएसआई तनसिंह, हरिशंकर, कांस्टेबल उदाराम, सुखदेव व देदाराम शामिल रहे। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि आरोपी चित्तौड़गढ़ से अवैध डोडा-पोस्त की खेप भरकर बाड़मेर के ग्रामीण इलाके में सप्लाई देने वाले थे। जालोर से बालोतरा जिला सीमा में प्रवेश करने के बाद सिणधरी के ग्रामीण रास्तों से होते हुए तस्कर बाड़मेर जिला सीमा में प्रवेश करने की फिराक में थे, लेकिन सूचना पर टीम ने चाडों की ढाणी-अरणियाली सरहद में नाकाबंदी कर एसयूवी के टायर ब्रस्ट कर दिए। इस पर कुछ दूर भागने के बाद आरोपी गाड़ी को होटल के पीछा छोड़कर मौके से फरार हो गए। कार्रवाई में जब्त एसयूवी चोरी की होना सामने आया हैं। 21 दिन पहले समदड़ी क्षेत्र में पुलिस ने नाकाबंदी तोड़कर भाग रहे एसयूवी को जब्त कर 417 किलो अवैध डोडा-पोस्त बरामद किए थे। तलाशी के दौरान पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से एक पिस्टल व दो कारतूस बरामद किए थे। इसके अलावा गाड़ी से तीन अलग-अलग नंबर फर्जी प्लेटें भी बरामद हुई थी। इससे पूर्व में भी तस्करी की कार्रवाइयों में जब्त वाहन चोरी के मिले थे। आरोपी बाहरी राज्यों से चोरी कर लाए जाने वाले वाहनों की चोर गिरोह से खरीद कर इसे तस्करी के काम में लेते हैं।