परिवहन विभाग में वीआईपी 7 डिजिट नंबर के आवंटन में गड़बड़ी का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा है और आरटीओ प्रथम की नई सीरीज (RJ14-UV) में वीआईपी नंबर बिना प्रक्रिया अपनाए देने का मामला सामने आ गया। अफसरों ने नई सीरीज की आम सूचना प्रकाशन से पहले ही ऑनलाइन एक्टिव कर नंबर आवंटित कर दिए। गड़बड़ी की आशंका इसलिए भी है कि 6 सीरीज पहले से चल रही है और पूरी नहीं हुई है। इसी बीच 7वीं सीरीज खोल दी गई। इसके साथ ही RJ14-UV-0001 समेत अन्य वीआईपी नंबरों के आवंटन कर दिए। यह नंबर बेस प्राइज 7.07 लाख में आवंटित कर दिया गया, जबकि 31 लाख तक बिक चुका है। विभाग की ओर से इस सीरीज की आम सूचना 31 मार्च को प्रकाशित की गई। यह सूचना 31 मार्च को दो समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई, लेकिन सूचना पर तारीख 25 मार्च अंकित है। यह सूचना जिला परिवहन अधिकारी रमेश मीणा के नाम से प्रकाशित हुई है। 30 मार्च को आवंटित 31 मार्च को प्रकाशन ये हैं नियम परिवहन विभाग के नियमों के मुताबिक किसी भी नई नंबर सीरीज को जारी करने से पहले उसका सार्वजनिक नोटिस जारी करना जरूरी होता है, ताकि इच्छुक लोग बोली प्रक्रिया में भाग ले सकें। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहती है और प्रतिस्पर्धा के कारण विभाग को अधिक राजस्व भी मिल सकता है। बिना ऑक्शन ये वीआईपी नंबर आवंटित कर दिए RJ14-UV-0001, UV-0014, UV-0171, UV-0300 और UV-0621 जैसे वीआईपी नंबर बिना ऑक्शन दे दिए। इससे विभाग को राजस्व नुकसान होने के साथ आवंटन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। 0001 नंबर सोनू शर्मा को इनोवा गाड़ी पर आवंटित हुआ है। यह गाड़ी पहले टैक्सी नंबर पर थी। अब प्राइवेट नंबर लिया गया है। भास्कर सवाल; छह सीरीज पहले से चल रही, फिर सातवीं क्यों खोली बेस प्राइज में ही बिक गया आरटीओ कार्यालयों में नई सीरीज खुलते ही वीआईपी नंबरों के लिए कई आवेदन आते हैं। एक से अधिक आवेदन होने पर ऑक्शन किया जाता है, लेकिन RJ14-UV-0001 की आम सूचना नंबर आवंटन के बाद प्रकाशित होने के कारण प्रतिस्पर्धा नहीं बन पाई और नंबर बेस प्राइज 7 लाख 7 हजार रुपए में ही चला गया। 7 साल पहले बेस प्राइज बढ़ाई सूचना में मेरा सिर्फ नाम, प्रकाशित एडमिन करवाता है “सीरीज की सूचना प्रकाशित करने का काम एडमिन का है। मेरा तो सूचना पर सिर्फ नाम है। वैसे नंबर आवंटन में पूरी प्रक्रिया अपनाई गई है।” -रमेश मीणा, डीटीओ, झालाना