भास्कर न्यूज | चूरू/झालावाड़ झालावाड़ पुलिस के ऑपरेशन क्लीन राइड के दौरान संदिग्ध भूमिका सामने आने पर रोडवेज के चूरू डिपो के तत्कालीन यातायात प्रबंधक (टीएम) को निलंबित कर दिया गया है। वर्तमान में एपीओ चल रहे अनिल कुमार सेवदा पर झालावाड़ पुलिस की ओर से दर्ज आपराधिक प्रकरण में आरोपियों के साथ संलिप्तता और राजस्व को हानि पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप हैं। झालावाड़ एसपी अमित कुमार ने 16 मार्च 26 को रोडवेज मुख्यालय को एक पत्र भेजा था। इसमें बताया गया कि कोतवाली थाना झालावाड़ में दर्ज प्रकरण के तहत गिरफ्तार आरोपियों के साथ चूरू डिपो के यातायात प्रबंधक सेवदा की मिलीभगत पाई गई है। पुलिस की जांच में सामने आया कि निगम के उड़नदस्ता दल के सदस्य रहते हुए सेवदा ने अपने पद का दुरुपयोग किया और रोडवेज को राजस्व की हानि पहुंचाई। इस पर रोडवेज के एमडी ने सेवदा को निलंबित करने के साथ 16 सीसीए का नोटिस भी दिया है। कंडक्टरों को डरा कर वसूली करता था गिरोह : झालावाड़ पुलिस ने जनवरी में रोडवेज बसों में हो रही अवैध वसूली और राजस्व चोरी रोकने के लिए ऑपरेशन क्लीन राइड चलाया था। इस मामले में निर्दलीय पार्षद नरेंद्रसिंह राजावत सहित कुल 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इसे एक सुनियोजित ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट बताया था, जो बस कंडक्टरों को डरा-धमका कर अवैध वसूली करता था। इस सिंडिकेट के सदस्यों की जमानत याचिकाएं पहले डीजे कोर्ट और उसके बाद राजस्थान हाईकोर्ट से भी खारिज हो चुकी हैं। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया, जिसके चलते सभी आरोपी जेल में हैं। एक अन्य आरोपी आरिफ मोहम्मद घटना के बाद से ही फरार चल है, जिसकी तलाश की जा रही है।