बीकानेर में भीषण गर्मी और लू के बीच अब राहत की उम्मीद जगी है। 43 डिग्री के आसपास टिके पारे और तपती सड़कों के बीच मौसम विभाग ने आगामी दिनों में बादल छाने व तापमान में गिरावट के संकेत दिए हैं। हालांकि, दिन की गर्मी कम होने के बावजूद रात की तपन और हवा की तपिश से तत्काल बड़ी राहत मिलने के आसार कम ही हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान बीकानेर में न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जिसने रात के समय में भी उमस और गर्मी का अहसास कराया। दिन का अधिकतम तापमान 43 डिग्री के करीब पहुंचने से सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। मौसम विभाग की मानें तो बादलों के चलते सीधे धूप का प्रभाव कम होगा, लेकिन न्यूनतम तापमान 28 डिग्री के आसपास रहने से रात की गर्मी बरकरार रहेगी। 2 मई से अधिकतम तापमान 43 डिग्री से गिरकर थोड़ा नीचे आने की संभावना है, जिससे लू की तीव्रता में कमी आएगी। नए सिस्टम के असर से दोपहर बाद मेघगर्जन के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। भले ही पारा एक-दो डिग्री लुढ़क जाए, लेकिन वातावरण में गर्मी की अधिकता के कारण तपिश का प्रभाव बना रहेगा। इसे मौसम विज्ञान की भाषा में ‘हीट इंडेक्स’ का प्रभाव माना जाता है, जहां नमी और तापमान मिलकर ज्यादा गर्मी का अनुभव कराते हैं। मई के पहले सप्ताह का अलर्ट बीकानेर संभाग में मई के पहले सप्ताह के दौरान धूल भरी आंधी और बादलों की आवाजाही जारी रहेगी। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ 2 मई से सक्रिय हो रहा है जिसका सर्वाधिक असर बीकानेर और जोधपुर संभाग में देखने को मिलेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव भीषण गर्मी से अस्थायी राहत तो देगा लेकिन यह मानसून पूर्व की गतिविधियों का हिस्सा है जिससे उमस बढ़ सकती है।