पंचायत गुड़ली के प्रमुख चौराहे पर पांच साल के कार्यकाल के बाद भी सार्वजनिक शौचालय नहीं बन पाया है। इससे रोजाना आने-जाने वाले बस यात्रियों, दुकानदारों और खासकर महिलाओं को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। अलग शौचालय नहीं होने से लोगों को खुले में जाने की मजबूरी है। पंचायत चुनाव के माहौल में यह बुनियादी समस्या जनप्रतिनिधियों के विकास के दावों की पोल खोल रही है। अब देखना है कि जिम्मेदार इस जरूरत की ओर कब तक ध्यान देते हैं।