गरबा-डांडिया में महिलाओं से छेड़छाड़ व अभद्रता की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए पुलिस ने मनचलों पर कार्रवाई के लिए 45 कालिका टीमों को लगाया है। पिछले 3 साल में ऐसी 400 से ज्यादा शिकायतें मिली थीं। गत वर्ष 200 से ज्यादा शिकायतें थीं। सबसे ज्यादा शिकायतें कोटा में दर्ज हुई थीं। इन टीमों में शामिल पुलिसकर्मी महिलाओं की तरह सामान्य ड्रेस में निगरानी रखेंगी। कार्यक्रम खत्म होने के बाद ये पार्किंग और रास्तों पर भी निगरानी रखेंगी। पुलिस ने इसे ‘शक्ति सुरक्षा अभियान’ नाम दिया है। एडीजी कम्युनिटी पुलिसिंग लता मनोज कुमार के अनुसार सभी जिला पुलिस अधीक्षकों और जयपुर-जोधपुर के पुलिस उपायुक्तों को तैयारी के निर्देश दिए हैं। प्रमुख आयोजन स्थलों को चिह्नित कर सुरक्षा और यातायात की कार्ययोजना बनाई जाएगी। 5 हेल्पलाइन नंबर, महिलाएं मोबाइल में सेव कर लें युवतियां व महिलाएं अपने मोबाइल में निर्भया हेल्पलाइन के 5 नंबर 87648-66090, 87648-66091, 87648-66092, 87648-66093 और 87648-66094 सेव कर लें। इन पर लिखित, मौखिक, ऑडियो, वीडियो या रिकॉर्डिंग शिकायत भेजने पर तत्काल सहायता मिलेगी। प्रमुख गरबा स्थलों पर हेल्प डेस्क, ताकि पुलिस ढूंढ़ना न पड़े प्रमुख गरबा-डांडिया स्थलों पर महिला हेल्प डेस्क भी बनेगी, जहां पुलिसकर्मी उपलब्ध रहेंगी। महिलाओं को मदद के लिए संपर्क ढूंढ़ना नहीं पड़े, इसके लिए हेल्पलाइन, राजकॉप और पुलिस संपर्क माध्यमों की जानकारी वाले पोस्टर तथा क्यूआर कोड लगाए हैं। आयोजन में प्रवेश के समय पहचान-पत्र और डिजिटल पास की सख्ती से जांच होगी। सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी संसाधनों से निगरानी की जाएगी। बड़े आयोजनों में सिक्योरिटी वॉलंटियर्स की सूची भी पुलिस को देनी होगी। पार्किंग के रास्तों पर रोशनी, ऑटो-टैक्सी में हेल्पलाइन प्रवेश-निकास द्वारों, पार्किंग और पंडाल तक आने-जाने वाले रास्तों पर पर्याप्त रोशनी तथा पैट्रोलिंग सुनिश्चित की जाएगी। जरूरत के अनुसार पुलिसकर्मी लगाई जाएंगी। ऑटो-टैक्सी चालकों के साथ बैठक कर उन्हें संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने के लिए जागरूक किया गया। वाहनों पर महिला सुरक्षा हेल्पलाइन के स्टीकर लगाए। सुरक्षा सखियों और वाई-सीएलजी सदस्यों को भी जोड़ा। अभियान की निगरानी एएसपी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। उत्कृष्ट काम करने वाली टीमों और पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाएगा।