हनुमानगढ़ के टिब्बी में राजस्थान शिक्षक संघ (अम्बेडकर) की रविवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर भवन में बैठक हुई। इसमें शिक्षकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई और सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखने का निर्णय लिया गया। बैठक में नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया, जिसमें बूटासिंह को तीसरी बार अध्यक्ष चुना गया। बैठक के प्रथम सत्र में शिक्षकों ने ग्रीष्मावकाश कम करने के आदेशों का विरोध किया। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश की भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए जून माह के अंत तक भीषण गर्मी रहती है। ऐसे में 21 जून से स्कूल खोलना अव्यवहारिक है। उन्होंने ग्रीष्मावकाश को 30 जून तक पूर्ववत रखने की मांग की। कई मांगें उठाई इसके अलावा संस्था प्रधान के विवेकाधीन अवकाश को 2 दिन करने की मांग भी उठाई गई। तृतीय श्रेणी शिक्षकों के लंबित स्थानांतरण शीघ्र करने और इसके लिए पारदर्शी नीति लागू करने पर जोर दिया गया। एकल महिला, विधवा और गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों को स्थानांतरण में प्राथमिकता देने की बात भी कही गई। बैठक में विभिन्न संवर्गों की लंबित डीपीसी पूरी करने, उप-प्राचार्य पद की बहाली और रोस्टर रजिस्टर का संधारण शुरू करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। शिक्षकों ने छात्रवृत्ति राशि को महंगाई के अनुसार बढ़ाने की भी मांग की। साथ ही, शिक्षकों को बीएलओ और जनगणना जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने तथा नवगठित ग्राम पंचायतों के विद्यालयों को उच्च माध्यमिक स्तर तक क्रमोन्नत करने की मांग भी उठाई गई। सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन बैठक के द्वितीय सत्र में चुनाव अधिकारी राकेश सकरवाल और पर्यवेक्षक भलवंत सिंह की मौजूदगी में सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें बलवीर सिंह को संरक्षक, साहबराम को सभाध्यक्ष, बूटासिंह को अध्यक्ष, राजेंद्र चौहान को उपाध्यक्ष, अजय पाल को कोषाध्यक्ष व प्रवक्ता तथा दलीप बरोड़ को महामंत्री चुना गया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष बूटासिंह ने तीसरी बार यह जिम्मेदारी मिलने पर सभी का आभार व्यक्त किया और संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष दीपक बारोटिया ने नई कार्यकारिणी को बधाई देते हुए शिक्षा हित में कार्य करने का आह्वान किया।