जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय से सम्बद्ध निजी कॉलेजों में प्रवेशित स्टूडेंट्स के रजिस्ट्रेशन की शुक्रवार को अंतिम तिथि है। रजिस्ट्रेशन के लिए कॉलेजों पर अलग-अलग दो कैटेगरी में 10 हजार से लेकर 1 लाख रुपए तक की पैनल्टी भुगतनी होगी। इसके बाद में भी रजिस्ट्रेशन से चूकने पर कॉलेजों में जीरो सेशन करने की कार्रवाई की जाएगी। उधर, शिक्षा सत्र 2025-26 की सरकार की एनओसी जमा नहीं करवाने पर 30 कॉलेजों पर जीरो सेशन की तलवार लटक रही है। जेएनवीयू प्रशासन ने इस साल निजी कॉलेजों के लिए प्रवेशित स्टूडेंट्स का डाटा अपडेट करने के लिए रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता की गई थी। जिसका कई कॉलेजों ने विरोध जताकर रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया था। जेएनवीयू की बार-बार चेतावनी के बाद 30 अक्टूबर तक रजिस्ट्रेशन का मौका दिया गया था। सूत्रों ने बताया कि शिक्षा सत्र में निजी कॉलेजों पर सख्ती दिखाई गई है। जिसके चलते करीब 2 करोड़ रुपए से अधिक पैनल्टी वसूली जा चुकी है। इसके अलावा एफीलेशन फीस के मद में भी करीब 10 करोड़ रुपए की राशि जमा हो चुकी है। 2 कैटेगरी में पेनल्टी, फिर होगा रजिस्ट्रेशन जेएनवीयू के निर्देशों से निजी कॉलेजों में प्रवेशित स्टूडेंट्स का डाटा गूगल फॉर्म में अपडेट करवा चुके थे, वे कॉलेजें अब 10 हजार रुपए की पैनल्टी के साथ रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे। इसमें नए प्रवेशित स्टूडेंट का डाटा भी अपडेट किया जा सकेगा। आदेशों के बावजूद भी र​जिस्ट्रेशन नहीं करवाने या गूगल फॉर्म नहीं भरने वाले कॉलेजों पर एक लाख रुपए की पैनल्टी लगाई जाएगी। 30 अक्टूबर के बाद पोर्टल बंद हो जाएगा। इससे कॉलेजों के स्टूडेंट्स परीक्षा से वंचित रह जाएंगे। यूनिक आईडी मिलेगी कॉलेजों के रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद यूनिक आईडी आवंटित होगी। इससे स्टूडेंट्स परीक्षा फॉर्म भर पाएंगे। ऐसे में यूनिक आईडी के लिए स्टूडेंट्स के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया कॉलेजों को पूरी करवानी होगी। रजिस्ट्रेशन के बिना स्टूडेंट्स प्रवेशित नहीं माने जाएंगे। जिससे मिड टर्म और मेन एग्जाम से बाहर हो जाएंगे।