कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लेने और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में मंगलवार को जिला मुख्यालय पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने जमकर आक्रोश जताया। शहर के प्रमुख ऐतिहासिक स्थल घंटाघर पर एकत्रित होकर कांग्रेसजनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। इस दौरान निवाई के पूर्व विधायक कमल लोदी समेत अन्य नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत अन्य नेताओं को बलपूर्वक हिरासत में लिया गया। यह लोकतंत्र के खिलाफ है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाजपा सरकार डरी हुई है। निहत्थे छात्र-छात्राओं पर भी अत्याचार किया गया है। घंटाघर पर इकट्ठा हुए कार्यकर्ता आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में जिले भर से बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, अग्रिम संगठनों के कार्यकर्ता और स्थानीय नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां और झंडे लेकर घंटाघर चौराहा पहुंचे। केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ उग्र नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। लोकतंत्र की हत्या का लगाया आरोप प्रदर्शन के दौरान स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं को किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता और युवाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहे हैं, जिससे घबराकर केंद्र सरकार दमनकारी नीतियां अपना रही है। नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराना हर नागरिक और राजनीतिक दल का संवैधानिक अधिकार है। राहुल गांधी और अन्य नेताओं को हिरासत में लेना सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है। कांग्रेस पार्टी ऐसे दमनकारी कदमों से डरने वाली नहीं है।