टोंक में गुरुवार को मानसून की एंट्री हो गई। हालांकि मानसून 7 दिन देरी से पहुंचा। टोंक समेत 12 जिलों झालावाड़, कोटा, बूंदी, भरतपुर, बारां, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, दौसा, जयपुर, और अलवर में प्रवेश कर लिया है। टोंक जिले में कई हिस्सों में गुरुवार सुबह चार बजे से तेज बारिश हुई। खेती में जुटे किसान इससे बीसलपुर बांध समेत नदी नालों में पानी की आवक हुई है। इसी के साथ खेतीबाड़ी का कार्य भी जोर पकड़ लिया है। खरीफ फसल की बुवाई में किसान पूरी तरह से जुट गए है। मौसम विभाग ने राज्य में अगले तीन दिन बारिश होने की संभावना जताई है। वहीं, राज्य के दूसरे हिस्सों में भी मानसून के जल्द ही पहुंचने की उम्मीद है। इस सीजन मानसून औसत से कम बरसने का पूर्वानुमान है। 4 महीने का मानसून सीजन मौसम विभाग ने 4 महीने (1 जून से 30 सितंबर) का मानसून सीजन माना है। राजस्थान में मानसून की एंट्री का समय 25 जून निर्धारित है, जबकि विदाई का समय 17 सितंबर निर्धारित है। पीक समय जुलाई और अगस्त माना जाता है। बता दें कि इस बार देश में मानसून केरलम में निर्धारित समय से 4 दिन की देरी से एंटर हुआ था। 17 साल में 11 बार देरी से आया मानसून राजस्थान में साल 2019 तक मानसून के प्रवेश का सामान्य समय 15 जून निर्धारित था। साल 2010 से 2019 तक केवल एक बार (साल 2013 में) ही निर्धारित समय पर मानसून राजस्थान में आया। जबकि 9 बार देरी से प्रवेश किया। इसके बाद केंद्रीय मौसम विज्ञान ने डेटा का रिव्यू किया और उसके आधार पर साल 2020 से मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख को 25 जून घोषित किया। साल 2020 से 2026 तक केवल दो बार (साल 2022 और 2026) मानसून देरी से राजस्थान में आया, जबकि 5 बार समय पर या उससे पहले मानसून की एंट्री हुई।