स्कूल की सुरक्षा बिल्डिंग तक सीमित नहीं है। क्लास, पानी, शौचालय, रैंप और खेल मैदान भी सुरक्षित होने चाहिएं। सभी तरह की सुविधाएं होनी चाहिएं। यह बात टोंक में ट्रासफॉर्मेटिव ट्यूजडे प्रोग्राम के तहत अपर जिला सेशन कोर्ट के जज दिनेश कुमार जलुथरिया ने देवपुरा के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बच्चों से कही। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (जयपुर) के निर्देश पर टोंक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से मंगलवार को स्कूल में विधिक साक्षरता एवं संवेदीकरण अभियान के तहत कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं गई। कार्यक्रम का विषय था- विद्यालयों में सुरक्षित आधारभूत संरचना और शिक्षा का अधिकार। सिर्फ इमारत ही नहीं, सुविधाएं भी मजबूत हों जज दिनेश कुमार जलुथरिया ने कहा- स्कूल की सुरक्षा का मतलब मजबूत बिल्डिंग नहीं होता। बल्कि इसके साथ ही सुरक्षित कक्षाएं, स्वच्छ पेयजल, साफ शौचालय, अच्छे खेल मैदान, बिजली सुरक्षा और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुगम वातावरण जैसी सुविधाएं भी होनी चाहिएं। दीवारों में दरारें, छत से प्लास्टर गिरना, खुले बिजली के तार, असुरक्षित खेल मैदान और दूषित पेयजल जैसे हालात हादसों या बीमारियों का कारण बन सकते हैं। ऐसी किसी भी स्थिति में विद्यार्थी अपने शिक्षक या प्रधानाचार्य को तुरंत सूचना दे। खुद को और दूसरे छात्रों को ऐसी जगहों से दूर करें। छात्र अधिकारियों से कर सकते हैं शिकायत जज दिनेश कुमार जलुथरिया ने कहा- असुरक्षित हालात के संबंध में संबंधित अधिकारियों को शिकायत भी दी जा सकती है। आवश्यकता पड़ने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के जरिए विधिक सहायता प्राप्त की जा सकती है। शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्राधिकरण संबंधित विभाग या जिम्मेदार अधिकारियों को उचित कार्रवाई के लिए नोटिस देगा या लेटर जारी करेगा। सुनवाई न होने पर कार्रवाई भी की जा सकती है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को आर टी ई एक्ट, 2009 के अंतर्गत शिक्षा संबंधी अधिकारों और विद्यालयों में निर्धारित आधारभूत मानकों की जानकारी दी गई। साथ ही विद्यालय प्रबंधन समिति और अभिभावकों की विद्यालय की सुरक्षा और सुविधाओं की निगरानी में भूमिका समझाई। अलग-अलग स्कूलों में हुए जागरूकता कार्यक्रम रालसा (जयपुर) के निर्देश पर टोंक जिले के विभिन्न विद्यालयों में न्यायिक अधिकारियों ने जागरूकता कार्यक्रम किए। इनमें- इसके अलावा मालपुरा, निवाई, देवली, उनियारा, टोडारायसिंह, दूनी और पीपलू में भी विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए।