भीलवाड़ा | सफलता घंटों की गिनती से नहीं, बल्कि प्रभावी तैयारी से मिलती है। इसे साबित किया है आजाद नगर निवासी और सीसीबी बैंक मैनेजर अमित नौलखा ने। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा घोषित RAS-2024 के परिणाम में अमित ने 123वीं रैंक हासिल की है। अमित की यह उपलब्धि इसलिए विशेष है क्योंकि उन्होंने बैंक की जिम्मेदारी संभालते हुए अपने पहले ही इंटरव्यू में यह मुकाम हासिल किया। अमित का मानना है कि पढ़ाई कितने घंटे की, यह मायने नहीं रखता। वे बैंक ड्यूटी से पहले सुबह 3 घंटे पढ़ाई करते थे। शाम को 2-3 घंटे पढ़ाई करते थे। अमित कहते हैं कि आरपीएससी अब यूपीएससी पैटर्न पर आ रही है। इसलिए रटने के बजाय एनालिटिकल (विश्लेषणात्मक) तैयारी पर ध्यान देना जरूरी है। पढ़ाई में मेधावी अमित का रिकॉर्ड हमेशा अच्छा रहा है। वे 2010 में राजस्थान बोर्ड की 12वीं कक्षा में पूरे प्रदेश में प्रथम रहे थे। 2008 में 10वीं में 5वीं रैंक पर रहे थे। सीए और सीएस की डिग्री ले चुके अमित के छोटे भाई अजय नौलखा हाईकोर्ट में वकील हैं। अमित की इस सफलता के पीछे पिता कपड़ा व्यवसायी अशोक नौलखा का सहयोग रहा है। माता अनिता का सहयोग रहा है। पत्नी अपर्णा का सहयोग और प्रेरणा रही है। भीलवाड़ा | RAS-2024 के परिणाम में हिमांशु ने प्रदेश स्तर पर 173वीं रैंक हासिल की है। हिमांशु की यह उपलब्धि उनकी ''''रैंक सुधारने'''' की अद्भुत जिजीविषा को दर्शाती है। 1067वीं रैंक से शुरू हुआ सफर अब 173वें स्थान तक पहुंचा है। हिमांशु ने बताया कि उनका प्रशासनिक सेवा का सफर RAS-2018 से शुरू हुआ था। तब उनकी 1067वीं रैंक आई थी। इसके बाद उनका चयन ग्राम विकास अधिकारी के पद पर हुआ। वे यहीं नहीं रुके। RAS-2021 में उन्होंने फिर परीक्षा दी। अपनी रैंक सुधारकर 367वां स्थान प्राप्त किया। वर्तमान में वे खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में प्रवर्तन निरीक्षक के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। अब 173वीं रैंक के साथ उनका चयन उच्च पद पर हुआ है। हिमांशु की इस सफलता की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि उन्होंने इसके लिए किसी भी कोचिंग संस्थान की मदद नहीं ली। उन्होंने पूरी तैयारी सेल्फ स्टडी के जरिए की। उनके पिता स्वयं एक RAS अधिकारी हैं। वर्तमान में एमडीएसयू, अजमेर में कुलसचिव के पद पर कार्यरत हैं। शुभम सोनी : 95 रैंक बैंक मैनेजर की नौकरी के साथ निकाला वक्त, अमित नौलखा को मिली 123वीं रैंक भीलवाड़ा | शहर के कृष्णा मोहल्ला के एक साधारण परिवार से निकले शुभम सोनी ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) 2024 में 95वीं रैंक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है। शुभम की यह सफलता इसलिए खास है क्योंकि वे वर्तमान में उदयपुर में जिला आबकारी अधिकारी के पद पर ट्रेनिंग ले रहे हैं। ट्रेनिंग की व्यस्तता के बीच उन्होंने अपनी रैंक में बड़ा सुधार किया है। शुभम ने अपनी शुरुआती शिक्षा शहर के आदर्श विद्या मंदिर से पूरी की। इसके बाद एमएलवी कॉलेज से बीएससी मैथ्स में ग्रेजुएशन किया। उन्होंने जयपुर से बीएड भी की है। शुभम अपने परिवार के पहले सदस्य हैं। उन्होंने प्रशासनिक सेवा में कदम रखा है। उनके पिता रामपाल सोनी सर्राफा व्यवसायी हैं। बड़ा भाई भी पिता के साथ इसी पुश्तैनी काम में हाथ बंटाता है। उनकी माता दिलखुश सोनी गृहिणी हैं। शुभम के RAS बनने की कहानी भी दिलचस्प है। उन्होंने खुद कभी अफसर बनने का सपना नहीं देखा था। दो दोस्तों की प्रेरणा से तैयारी शुरू की। उनके मार्गदर्शन में आगे बढ़े। जिन दोस्तों ने राह दिखाई, उनका चयन नहीं हो पाया। शुभम आज प्रदेश के उच्च प्रशासनिक पदों की कतार में खड़े हैं। RAS 2023 में चयन के बाद अब 2024 में 95वीं रैंक मिलने से शुभम का एसडीएम बनने का रास्ता साफ हो गया है।