जयपुर के कमला नेहरू नगर में तेज रफ्तार ट्रेलर ने फुटपाथ पर बैठे एक परिवार के 5 लोगों को कुचल दिया। हादसे में तीन बच्चों और पिता की मौत हो गई। मां के दोनों पैर टूट गए। हादसे के बाद भास्कर टीम मौके पर पहुंची और हादसे की वजह समझने की कोशिश की। सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो सामने आया कि परिवार काफी देर से ट्रकों से लिफ्ट लेने की कोशिश कर रहा था। जिस ट्रेलर से कुचला, उसे हाथ हिलाकर रुकने का इशारा किया था। परिवार राजसमंद का था। ये लोग पैसे बचाने के लिए ट्रेलर या ट्रकों में सफर करते हैं। भास्कर पड़ताल में हादसे की 3 प्रमुख वजह सामने आई… 1. पुलिया से उतरते ही डिवाइडर न होना। 2.आगे बने डिवाइडर की कम हाइट। 3. अवैध बस स्टैंड। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 100 मीटर तक डिवाइडर नहीं भास्कर पड़ताल में सामने आया कि हीरापुरा पुलिया से होटल हाईवे किंग तक 100 मीटर तक सड़क पर डिवाइडर नहीं बना हुआ है। जबकि पुलिया उतरने के साथ ही डिवाइडर होना चाहिए, ताकि कोई पुलिया के पास से यू-टर्न न ले। इस 100 मीटर के पैच में ट्रैफिक क्रॉस में चलता है। हीरापुरा पुलिया उतरते ही अधिकांश वाहन अजमेर रोड पर सीधे निकल जाते हैं। कुछ वाहन नारायण विहार के लिए सर्विस लाइन में घुस जाते हैं। कुछ वाहन पुलिया खत्म होते ही यू-टर्न लेते हैं। वहीं कमला नहरू नगर से सर्विस लाइन पर आने वाला व्हीकल अजमेर रोड के लिए इसी मोड़ से यू-टर्न लेता है। कुछ व्हीकल हीरापुरा चौराहे के लिए इसी सर्विस लाइन का इस्तेमाल करते हैं। पुलिया से नीचे उतरते ही 25 प्रतिशत ट्रैफिक यू-टर्न लेता है। एनएचएआई ने सिर्फ एक साइन बोर्ड लगाकर औपचारिकता पूरी कर दी, जिस पर लिखा है- आगे से यू-टर्न लेना गलत है। जिम्मेदार कौन : इस खामी के लिए जिम्मेदार जयपुर ट्रैफिक पुलिस और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) है। डीसीपी ट्रैफिक योगेश गोयल ने बताया कि 100 मीटर का पैच जो खुला है, उसके लिए एनएचएआई को लिखा जाएगा। देख रहे हैं कि गलत यू-टर्न को कैसे रोक सकते हैं। डिवाइडर का न साइन बोर्ड न लाइट अजमेर रोड पर चलने वाले व्हीकल को पुलिया से उतरने के दौरान सड़क चौड़ी दिखाई देती है। एनएचएआई ने इस मुख्य सड़क के साथ-साथ एक सर्विस लेन बना रखी है। जिसमें दोनों तरफ व्हीकल चलते हैं। मुख्य सड़क और डिवाइडर को दो पार्ट में दिखाने के लिए मुख्य हाईवे पर कोई साइन बोर्ड, ऐरो यहां तक कि कोई ब्लिंक करने वाली लाइट तक नहीं लगा रखी है। ऐसे में रात में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। इसी रूट पर लोग अपने छोटे व्हीकल से भी इस डिवाइडर से टकरा जाते हैं। एनएचएआई अगर इस डिवाइडर को सड़क से कुछ ऊंचा कर देता या मार्किंग लगा देता तो यह परेशानी नहीं होती। इस खामी का जिम्मेदार : एनएचएआई अवैध बस स्टैंड से होती है हाईवे पर गफलत कमला नेहरू नगर के सामने रोडवेज बस स्टैंड बनने के बाद हीरापुरा चौराहे पर बसों को खड़े नहीं करने के आदेश दिए गए हैं। इस कारण सभी निजी बसें होटल हाईवे किंग के सामने जाकर खड़ी हो जाती हैं। पिछले तीन महीने से मुख्य हाईवे पर अवैध बस स्टैंड संचालित है। ऐसे में दिल्ली से हीरापुरा पुलिया की तरफ आने वाला हैवी ट्रैफिक यहां पर होने वाली भीड़ को देखकर गफलत में पड़ जाता है। जिससे यहां पर आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। जिम्मेदार कौन : इस खामी का जिम्मेदार आरटीओ विभाग है। जयपुर आरटीओ प्रथम चंपालाल जीनगर ने बताया कि यह हादसा तेज रफ्तार ट्रेलर के कारण हुआ। लोग सड़क पर खड़े थे। यह हादसा ड्राइवर की लापरवाही से हुआ। वहां पर जो वाहन खड़े होते हैं, उन पर हम लोग कार्रवाई करते हैं।
परिवार फुटपाथ पर झाड़ू बनाकर बेचता था मृतकों की पहचान राजसमंद के जैतपुरा निवासी चंद्रप्रकाश और उनके बेटों रमेश (11), दीपक (8), रतन (10) के रूप में हुई है। चंद्रप्रकाश की पत्नी कैलाशी गंभीर घायल है। कैलाशी के दोनों पैर टूट गए हैं। परिवार फुटपाथ पर झाड़ू बनाकर बेचता था। दंपती के पांच बच्चे थे, दो बच्चे घर पर थे, जिससे वो बच गए। ….. ये खबर भी पढ़ें… जयपुर में परिवार पर चढ़ा ट्रेलर, 4 की मौत:बच्चों के शव टुकड़ों में नाले में गिरे, मां के पैर टूटे; ट्रेलर के 5 चालान पेंडिंग
जयपुर में तेज रफ्तार ट्रेलर ने फुटपाथ पर बैठे एक परिवार के 5 लोगों को कुचल दिया। हादसे में तीन बच्चों और पिता की मौत हो गई। मां के दोनों पैर टूट गए। हादसा इतना भीषण था कि बच्चों के शवों के चिथड़े उड़ गए। एक बच्चे के शव के दो टुकड़े हो गए। सभी लोग नाले में गिर गए। (पढ़ें पूरी खबर)