पेड़ काटने के विवाद में हुई युवक की हत्या के मामले में न्यायालय ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशा कुमारी ने आरोपी अर्जुन निवासी लाम्बाडाबरा, थाना पीपलखूंट को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 25 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। लोक अभियोजक तरूणदास वैरागी ने बताया कि यह घटना 1 अगस्त 2022 को हुई थी। प्रार्थी नानका अपने खेत पर काम कर रहा था, तभी उसका बेटा अनिल भी वहां पहुंचा। कुल्हाड़ी से हमला किया था अनिल ने देखा कि खेत की मेड़ पर अर्जुन और उसकी पत्नी जमना पेड़ काट रहे थे। जब अनिल ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपी अर्जुन ने हाथ में कुल्हाड़ी लेकर उस पर हमला कर दिया। हमले में अनिल की गर्दन और कंधे पर गंभीर चोटें आईं, जिससे वह मौके पर ही गिर गया। घटना के दौरान आरोपी की पत्नी जमना भी उसे जान से मारने के लिए उकसा रही थी। बीच-बचाव करने आए अन्य लोगों पर भी हमला किया गया, जिससे एक व्यक्ति के हाथ की उंगली में चोट आई। गंभीर रूप से घायल अनिल को तुरंत प्रतापगढ़ जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में थाना पीपलखूंट पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया। 16 गवाह, 22 दस्तावेज पेश किए अभियोजन पक्ष ने अदालत में 16 गवाह, 22 दस्तावेज और 4 आर्टिकल (साक्ष्य) पेश किए। सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने आरोपी अर्जुन को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 25 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। राज्य पक्ष की ओर से लोक अभियोजक तरूणदास वैरागी ने पैरवी की।