उदयपुर। शहर के कई वार्डों और कॉलोनियों में नागरिक आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक अनदेखी से जूझ रहे हैं। दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर स्थानीय निवासियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है। पहाड़ा क्षेत्र की मनीष विहार कॉलोनी यूडीए द्वारा कनवर्टेड घोषित होने के बावजूद आज भी सड़क, नाली और पानी के कनेक्शन जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है, तो वहीं बेदला क्षेत्र के पीपली चौक के पास बेदला एनिकट कचरे के ढेर के कारण 'डंपिंग ग्राउंड' में तब्दील हो रहा है। इसके अलावा, फतेहपुरा की खारोल कॉलोनी में जाम नालियों के कारण मामूली बारिश में ही जलभराव की स्थिति बन गई है और दागली की मगरी में पिछले एक हफ्ते से स्ट्रीट लाइटें बंद होने से अंधेरा पसरा हुआ है। प्रशासनिक सुस्ती के बीच 'भास्कर समाधान' मंच जनता के लिए बड़ी राहत भी बनकर उभरा है। इस मंच पर समस्याएं पोस्ट होने के बाद प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया। प्रताप नगर की साकेत कॉलोनी में लंबे समय से खाली प्लॉटों में पड़े कचरे को विभाग ने टीम भेजकर साफ करवाया। वहीं, मल्ला तलाई क्षेत्र में मस्तान बाबा दरगाह के पास बंद पड़ी रोड लाइटों को नगर निगम के लाइनमैन रमेश गमेती ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत ठीक कर दिया, जिससे क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिली है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) कागजों में नियमित, मगर जमीनी हकीकत में बदहाल उदयपुर के पहाड़ा क्षेत्र की मनीष विहार कॉलोनी के निवासियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी कमल पालीवाल ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर अपनी शिकायत पोस्ट करते हुए बताया कि यूडीए (UDA) की इस कॉलोनी को कनवर्टेड (रूपांतरित) घोषित किए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति बेहद दयनीय है। कॉलोनी में न तो पक्की सड़कें हैं, न ही जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण किया गया है, और न ही अब तक घरों में नल कनेक्शन दिए गए हैं। सरकारी कागजों में नियमित होने के बाद भी बुनियादी ढांचे का विकास न होने से स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष है और वे आए दिन होने वाली असुविधाओं के कारण बेहद परेशान हैं। एनिकट बना 'डंपिंग ग्राउंड' उदयपुर के बेदला क्षेत्र के पीपली चौक के रहने वाले गौरव जोशी ने 'भास्कर समाधान' पर पर्यावरण के संबंधित समस्या पोस्ट की है। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि बेदला एनिकट (नदी क्षेत्र) में स्थानीय लोगों और राहगीरों के जरिए बड़े पैमाने पर कचरा और गंदगी फेंकी जा रही है, जिसके कारण पानी दूषित हो रहा है और क्षेत्र में प्रदूषण का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। एनिकट के पानी में प्लास्टिक, घरेलू अपशिष्ट और अन्य गंदगी जमा होने से जलीय पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। इस बिगड़ती स्थिति को देखते हुए स्थानीय जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि नदी के आस-पास जल्द से जल्द लोहे की जाली लगाई जाए, ताकि लोग इसमें कचरा न फेंक सकें और इस जलस्रोत को बचाया जा सके। बंद रोड लाइट से राहगीर और वाहन चालक परेशान उदयपुर के डांगरी की मगरी क्षेत्र के निवासी हेमेंद्र सालवी ने इलाके की रोड लाइट की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि उनके क्षेत्र में पिछले करीब 7-8 दिनों से स्ट्रीट लाइटें पूरी तरह से बंद पड़ी हैं। मुख्य और आंतरिक गलियों की बत्तियां गुल होने के कारण शाम ढलते ही पूरा इलाका घना अंधेरा हो जाता है। एक हफ्ते से अधिक समय बीत जाने के बाद भी नगर निगम या संबंधित विद्युत विभाग के जरिए इन बंद पड़ी रोड लाइटों को ठीक करने का कोई प्रयास नहीं किया गया है, जिससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव के कारण घरों से निकलना हुआ दूभर उदयपुर के फतेहपुरा स्थित खारोल कॉलोनी (गली नंबर 4) की निवासी नासिफा कागजी ने 'भास्कर समाधान' पर क्षेत्र की एक गंभीर समस्या को उजागर किया है। उन्होंने बताया कि उनकी गली की सभी नालियां पूरी तरह से जाम और मलबे से अटी पड़ी हैं। इसके चलते मानसून की शुरुआती या मामूली बारिश होने पर ही पूरी गली में जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है। नालियों की सफाई न होने के कारण बारिश का गंदा पानी सड़कों पर जमा हो रहा है, जिससे न केवल राहगीरों और वाहन चालकों को निकलने में परेशानी हो रही है, बल्कि स्थानीय निवासियों के घरों तक पानी पहुंच गया है। प्रशासन की इस लापरवाही से पूरी कॉलोनी के लोग खासे परेशान हैं। कचरे की समस्या का समाधान उदयपुर के प्रताप नगर की साकेत कॉलोनी के निवासी महेश मलकानी ने कुछ दिनों पहले दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' के जरिए अपने क्षेत्र में फैली गंदगी की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने अपनी पोस्ट में समस्या लिखी थी कि उनके घर के ठीक सामने स्थित दो खाली प्लॉट लंबे समय से कचरा डिपो बने हुए थे, जहां भारी मात्रा में गंदगी जमा था। कॉलोनी में नियमित सफाई न होने और किसी भी सफाईकर्मी के न आने से स्थानीय लोग बदबू और बीमारियों के खतरे से बेहद परेशान थे। राहत की बात यह है कि 'भास्कर समाधान' पर समस्या पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने तुरंत कार्रवाई की। विभाग के जरिए मौके पर टीम भेजकर दोनों खाली प्लॉटों से सारा कचरा हटवा दिया गया है और पूरे क्षेत्र को साफ कर दिया गया है, जिससे अब स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है। मल्ला तलाई में रोड लाइट की समस्या खत्म उदयपुर के मल्ला तलाई क्षेत्र के मखदूम नगर से महबूब खान ने कुछ दिनों पहले दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर हजरत मस्तान शाह बाबा दरगाह के पास बंद पड़ी रोड लाइटों की गंभीर समस्या के बारे में बताया था। उन्होंने अपनी शिकायत में लिखा था कि रोड लाइट बंद रहने से पूरी कॉलोनी और दरगाह क्षेत्र में घना अंधेरा हो जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी असुविधा हो रही थी और क्षेत्र में चोरी और असामाजिक तत्वों का डर लगातार बना हुआ था। राहत की बात यह है कि 'भास्कर समाधान' पर यह समस्या पोस्ट होते ही नगर निगम प्रशासन तुरंत हरकत में आया। संबंधित विभाग के लाइनमैन ने कार्रवाई करते हुए लाइट को सुधारा और बंद पड़ी सभी रोड लाइटों को दोबारा चालू कर दिया है, जिससे अब पूरे इलाके में रोशनी लौट आई है और स्थानीय लोगों ने चैन की सांस ली है। रमेश गमेती बने आज 'पब्लिक के स्टार' मल्ला तलाई क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटें बंद होने से मस्तान बाबा कॉलोनी और इसके आसपास के रास्तों पर शाम होते ही सन्नाटा और अंधेरा पसर जाता था। इस वजह से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों का रात के समय घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। स्थानीय निवासियों को हमेशा इस बात की चिंता सताती थी कि अंधेरे का फायदा उठाकर कोई असामाजिक तत्व चोरी या झपटमारी जैसी वारदात को अंजाम न दे दे, हालांकि, विभाग के लाइनमैन रमेश गमेती ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिना किसी देरी के कार्रवाई की और तकनीकी खराबी को ठीक कर बंद पड़ी सभी रोड लाइटों को दोबारा चालू करवा दिया है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’ से मिल रहा हल:उदयपुर में खुले में पड़ा कचरा तो कहीं दरिया बनी सड़कें, विभागों को फिक्र ही नहीं 2.उदयपुर में पेयजल की समस्या का हुआ समाधान:कहीं गंदे पानी का समाधान तो कहीं सफाई और जल निकासी की मांग, कई इलाकों की समस्याएं बरकरार 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अभी भी बरकरार