उदयपुर के टाउन हॉल में चल रहे नगर निगम के दीपावली मेले में गुरुवार की शाम राजस्थानी फ्यूजन और लोक संगीत के नाम रही। मेले के दूसरे दिन सांस्कृतिक संध्या में फेमस राजस्थानी सिंगर 'रैपरिया बालम' के बैंड और बाड़मेर के फकीरा खान मांगणियार ग्रुप ने एक के बाद एक प्रस्तुतियां दीं। महाराणा प्रताप की वीरता से जुड़े 'शूरवीर' गीत से लेकर मारवाड़ी लोकगीतों की धुनों ने मेले में घूमने आए लोगों के कदम रोक दिए। देर रात तक दर्शक हूटिंग करते हुए गानों पर झूमते रहे। वहीं, मेले में आज शुक्रवार रात को बॉलीवुड की मशहूर सिंगर पलक मुच्छल की सिंगर नाइट होगी। 'म्हारो राजस्थान' से शुरुआत, 'शूरवीर' गीत ने भरा जोश सांस्कृतिक संध्या में जब रैपरिया बालम (असली नाम अशोक मंडा) ने मंच संभाला तो युवाओं ने तालियों और हूटिंग से उनका स्वागत किया। श्रीगंगानगर के रायसिंहनगर से ताल्लुक रखने वाले रैपरिया बालम ने कार्यक्रम की शुरुआत अपने चर्चित गीत 'म्हारो राजस्थान' से की। इसके बाद उन्होंने 'लाल पीली अखियां', 'बन्ना जी रॉबिन हुड', 'इलायची', 'काच केरी' और 'बन्ना थे जयपुरियो तो जायजो जी' जैसे लोकगीतों को आधुनिक फ्यूजन के साथ सुनाया। रैपरिया बालम ने जब महाराणा प्रताप के शौर्य पर बना अपना सबसे पॉपुलर गीत 'शूरवीर' गाया, तो पूरे पांडाल में जोश भर गया। यह वही गाना है, जिसे बिना अनुमति 'मिर्जापुर' फिल्म में इस्तेमाल करने पर कानूनी विवाद हुआ था और बाद में इसे फिल्म से हटाना पड़ा था। बाड़मेर के 30 कलाकारों ने एक साथ दी प्रस्तुति रैपरिया बालम के साथ ही बाड़मेर से आए फकीरा खान और उनके मांगणियार ग्रुप के 30 कलाकारों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों कमैचा और खरताल की धुन पर समां बांध दिया। ग्रुप ने शुरुआत करणी माता के भजन से की, जिससे माहौल भक्तिमय हो गया। इसके बाद कलाकारों ने 'वारी जाऊं रे बलिहारी जाऊं रे' और 'केसरिया बालम पधारो म्हारे देश' गाकर मेवाड़ और मारवाड़ की संस्कृति को एक कर दिया। मांगणियार ग्रुप ने जब अपने ही अंदाज में 'आवो मेरे कृष्ण कन्हैया', 'ठरकी छोकरा' और 'बापू सेहत के लिए तू तो हानिकारक है' जैसे गाने सुनाए, तो दर्शक खुद को नाचने से नहीं रोक पाए। पढ़ाई के साथ बच्चों को सिखा रहे पुस्तैनी कला प्रस्तुति के दौरान फकीरा खान ने बताया कि उनके ग्रुप से 100 से ज्यादा कलाकार जुड़े हैं, जो पीढ़ी दर पीढ़ी राजस्थानी लोक संगीत की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। वे अपने परिवार के बच्चों को स्कूल की पढ़ाई के साथ-साथ पारंपरिक गायकी, सूफी संगीत और कमैचा-खरताल बजाना भी सिखाते हैं, ताकि यह पुस्तैनी कला हमेशा जिंदा रहे। इन अतिथियों ने किया कार्यक्रम का आगाज दीपावली मेला संयोजक प्रमोद सामर ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत महापौर पारस सिंघवी, पूर्व सांसद अर्जुनलाल मीणा, सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के कुलगुरू प्रो. कैलाश चंद्र डागा, पूर्व डीजीपी मनोज भट्ट और पूर्व संभागीय आयुक्त राजेन्द्र भट्ट ने मां सरस्वती व भगवान गणेश की प्रतिमा के आगे दीप जलाकर की। आज पलक मुच्छल के बॉलीवुड गानों से सजेगी शाम निगम उपायुक्त और मेला अधिकारी हरि सिंह देवल ने बताया कि मेले के तीसरे दिन आज शुक्रवार को बॉलीवुड की जानी-मानी प्लेबैक सिंगर पलक मुच्छल अपनी प्रस्तुति देंगी। वे 'आशिकी-2' के सुपरहिट गाने 'चाहूं मैं या ना' और फिल्म 'एमएस धोनी' के गीत 'कौन तुझे यूं प्यार करेगा' सहित अपने कई मशहूर बॉलीवुड गानों से शहरवासियों का मनोरंजन करेंगी।