उदयपुर के मुखर्जी चौक पर सब्जी मार्केट के बाहर महिला फल-सब्जी विक्रेताओं को हटाने से विवाद हो गया है। पार्किंग स्थल बनाए जाने की वजह से निगम से इन सभी महिला विक्रेताओं को हटाकर मंड़ी के अंदर शिफ्ट करने की प्लानिंग की है। इसके विरोध में हर दिन अस्थाई सामान लगाकर फल-सब्जी बेचने वाली महिलाएं अपनी-अपनी जगह से उठने को तैयार नहीं हैं। नगर निगम के अधिकारी महिला फल-सब्जी विक्रेताओं से समझाइश कर रहे हैं। मौके पर डीएसपी समेत सूरजपोल-धानमंडी थानो के पुलिसकर्मी तैनात है। दुकान लगाने वाली महिलाओं ने कार्रवाई का किया विरोध नगर निगम के कर्मचारी और पुलिस जाब्ता आज सुबह मौके पर पहुंचा तो महिलाओं ने विरोध कर दिया। इसके बाद कांग्रेस के ​शहर जिलाध्यक्ष फतेह सिंह राठौड़ और पूर्व पार्षद नजमा मेवाफरोश ने मौके पर जमकर आक्रोश जताया। कार्रवाई के विरोध के बीच मौके पर सूरजपोल, धानमंडी थाने के अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को भी मौके पर बुलाया गया है। इससे पहले निगम की टीम ने रोड किनारे पड़े पत्थर और अन्य सामान को यहां से भरकर ट्रैक्टर में रखा। उनका कहना है कि निगम ​पार्किंग के नाम पर 40 सालों से यहां सब्जी-फली बेच रही गरीब महिलाओं को हटा रही है। इस कार्रवाई से 35 से ज्यादा महिला विक्रेताएं प्रभावित हो रही है। अतिक्रमण से ट्रैफिक जाम होता नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि कई सालों से इस बेहद व्यस्त और संवेदनशील क्षेत्र से अतिक्रमण और अस्थाई दुकानों को हटाने के प्रयास किए जा रहे थे। मुख्य सड़क पर लगने वाला यह बाजार यातायात और सुरक्षा के लिहाज से हमेशा एक बड़ी चुनौती बना है। इस लिहाज से नगर निगम की ओर से इन्हें यहां से शिफ्ट किया जा रहा है। कांग्रेस ने कार्रवाई पर उठाए सवाल कांग्रेस जिलाध्यक्ष फतेह सिंह राठौड़ ने बताया कि इस बाजार हटाकर इन्हें शिफ्ट नहीं करने पर सालों से बैठने वाले छोटे व्यापारियों की आजीविका सीधे तौर पर प्रभावित होगी। यह नगर निगम की संवेदनहीनता व्यवस्था है। पूर्व पार्षद नजमा मेवाफरोश ने बताया कि मुखर्जी चौक के बाहर फुटपाथ पर बैठकर फल-सब्जी बेचने वालों में ज्यादातर गरीब महिलाएं है, जो रोज कमाकर अपने पूरे परिवार का भरण-पोषण करती हैं। धर्म विशेष की होने के कारण यह कार्रवाई क्यों की जा रही है। एसी के कमरो में बैठकर स्मार्ट प्लानिंग के नाम पर यह कार्रवाई गरीबों का रोजगार छीना जा रहा है।