उदयपुर के सायरा ब्लॉक में सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ाने का बड़ा मामला सामने आया है। जेमली ग्राम पंचायत में विकास अधिकारी के निर्देश पर खास सभा बुलाई गई थी। गांव के लोग अपने जरूरी काम करवाने और समस्याएं सुलझने की उम्मीद लेकर सुबह ही पंचायत भवन पहुंच गए थे, लेकिन वहां का नजारा देखकर सब हैरान रह गए। मौके पर न तो सरपंच पहुंचे, न ही ग्राम सचिव आए। दोनों के इस गैर-जिम्मेदार रवैये के कारण पूरी ग्राम सभा धरी की धरी रह गई। दरअसल, पंचायत भवन के बाहर सुबह से ही ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। लोग अपनी फाइलों और कागजों के साथ अधिकारियों का इंतजार करते रहे। घंटों बीत जाने के बाद भी कोई ताला खोलने या बात सुनने वाला नहीं आया। ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। सरपंच और सचिव की इस बड़ी लापरवाही की वजह से गांव के विकास से जुड़े काम अटक गए। पानी, बिजली और सड़कों जैसी बुनियादी समस्याओं पर होने वाली चर्चा भी नहीं हो सकी। आखिर में निराश होकर ग्रामीणों को वापस लौटना पड़ा। लोग बोले- पूरे गांव का समय बर्बाद हुआ स्थानीय निवासी ईश्वर सिंह राजपूत ने इस अव्यवस्था पर गहरा रोष जताया। उन्होंने कहा- सरपंच और सचिव की मनमानी की वजह से आज पूरे गांव का समय बर्बाद हुआ है। ग्रामीण अपनी खेती-बाड़ी और मजदूरी छोड़कर पंचायत भवन आए थे, ताकि उनके रुके हुए काम पूरे हो सकें। लेकिन अधिकारियों ने जनता की परेशानियों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। प्रशासन को इस मामले को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए और ऐसे लापरवाह सिस्टम पर तुरंत सख्त एक्शन लेना चाहिए। ग्रामीणों ने कहा- ऐसा भद्दा मजाक बिल्कुल बर्दाश्त नहीं इस घटना के बाद से जेमली गांव के लोगों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों में पंचायत प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जनता के पैसों और समय के साथ ऐसा भद्दा मजाक बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने अब सीधे जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है। सरपंच और सचिव पर एक्शन की मांग उन्होंने मांग की है कि बिना सूचना गायब रहने वाले सरपंच और सचिव पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति इस तरह जनता को परेशान करने की हिम्मत न कर सके। इनपुट - गोपाल लोढ़ा, गोगुंदा।